अंबाला: मास्टर जी ने डांटा तो स्टूडेंट्स ने फर्जी इंस्टाग्राम खाते पर एआई से बना दिया मीम
स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने गुरूजी को चक्कर में फंसा दिया है। हालात यह हैं कि सड़क पर इज्जत नीलाम हो रही है। परेशान होकर गुरुजी को पुलिस का सहारा लेना पड़ा रहा है। अब पुलिस के माध्यम से स्कूल संचालक आगाह कर रहे हैं कि बच्चे इस जुर्म को न करें। दरअसल कुछ समय पहले अंबाला के एक स्कूल में पढ़ने वाले कुछ बच्चों ने इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर अपने ही शिक्षकों के एआई तकनीकि से मीम बना दिए। जो शिक्षक उन्हें परेशान करना उसके ही वह मीम तैयार कर देते। इसकी शिकायत जब प्रबंधन ने साइबर क्राइम से की तो बच्चों को चिन्हित कर लिया है। जब पुलिस ने अपने तरीके से पूछताछ की तो बच्चों ने गलती स्वीकार कर ली। हालांकि बच्चों को माफ कर दिया गया। मगर इस अपराध के सामने आने से अंबाला के निजी स्कूल संचालकों में खलबली मच गई है। फोन नंबर नहीं दिखाई देता स्कूली छात्रों ने निजी स्कूल के नाम से मिलती जुलती फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर इस काम को किया। इस अपराध को करने के लिए एक दोस्त का फोन इस्तेमाल किया गया तो दूसरे दोस्त का सिम कार्ड रहा। इसी तरह तीसरे दोस्त ने आईडी बनाई और सोशल मीडिया पर टीचर्स के खिलाफ क्या आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जाना है यह तय किया। क्राइम का खुलासा होने के बाद स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्हें लगा था कि इंस्टाग्राम आईडी पर फोन नंबर दिखाई नहीं देता और वह पकड़े नहीं जाएंगे। इतना ही नही इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के बाद बच्चों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से ही स्कूल के कई बच्चों और टीचर्स पर आपत्तिजनक पोस्ट के लिंक भेजे, जिसके बाद यह खुलासा हुआ। डिजिटल जानकारी आवश्यक हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस के जोनल अध्यक्ष प्रशांत मुंजाल ने बताया कि यह घटना छात्रों में डिजिटल जिम्मेदारी की आवश्यकता को दशार्ती है। उन्होंने अंबाला पुलिस और साइबर सेल की तत्पर भूमिका की सराहना की। स्कूलों और अभिभावकों को मिलकर बच्चों में जिम्मेदार तकनीकी उपयोग की आदत विकसित करनी चाहिए। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता सौरभ कपूर ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि साइबर दुराचार न तो मामूली है और न ही गुमनाम। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार पर जागरूकता के लिए विभिन्न सेमिनार आयोजित करेगा। बाल कल्याण समिति से भी लिया सुझाव निजी स्कूल प्रबंधक कमेटी के नोटिस में जब यह मामला आया तो तुरंत अंबाला एसपी अजीत शेखावत से मुलाकात कर शिकायत सौंपी गई। एसपी ने मामले को साइबर सेल में मामला भेजा। जांच में मोबाइल, सिम नंबर आदि जानकारी मिल गईं। यहां तक कि बच्चे वाईफाई भी किसी और का प्रयोग कर रहे थे। मामले को संवेदनशील तरीके से संभालने के लिए बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा रंजीता से भी मार्गदर्शन लिया गया। इसके बाद मामले को बाल हित में देखा गया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 24, 2026, 15:47 IST
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