अमृतसर में गर्मी के बीच सरकारी दफ्तरों में समय से पहले गायब हो रहा स्टाफ
पंजाब सरकार ने भीषण गर्मी को देखते सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया था, लेकिन कई सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी निर्धारित समय से पहले ही अपनी सीटों से गायब नजर आ रहे हैं। इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। मंगलवार को सिविल अस्पताल में दोपहर 12:30 बजे सीनियर मेडिकल अफसर (एसएमओ) के दफ्तर के बाहर ताला और फिजियोथेरेपी सेंटर का दरवाजा बंद पड़ा था। पूरे सिविल अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था और डॉक्टर भी अपने कमरों में मौजूद नहीं थे। यहां तक कि पर्ची काउंटर पर भी गिने-चुने मरीज ही नजर आ रहे थे। फताहपुर से दवा लेने पहुंचे इकबाल सिंह ने कहा कि सरकार को अस्पतालों का समय पहले की तरह सुबह 9 बजे करना चाहिए, ताकि मरीजों को उचित समय पर डॉक्टरों की सेवाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि वह सुबह करीब 11:30 बजे अस्पताल पहुंचे थे। उस समय डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे, लेकिन पर्ची कटवाकर वापस आने तक डॉक्टर वहां से जा चुके थे। इसके कारण न तो उनका सेहत चैकअप हो सका और न ही उन्हें दवा मिल पाई। उन्होंने मांग की कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों का समय पहले जैसा रखा जाए। सिविल अस्पताल में स्टाफ और डॉक्टरों के समय से पहले कुर्सियों पर न होने की शिकायत पर सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने कहा कि वह खुद रूटीन में सिविल अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों से फीडबैक ले रही हैं। अगर अस्पताल में डॉक्टर सीट पर नहीं बैठ रहे तो अस्पताल स्टाफ के साथ बैठक कर उन्हें निर्धारित समय दोपहर 1:30 बजे तक अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती रहती है, जो विभिन्न शिफ्टों में मरीजों को सेवाएं प्रदान करते हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 23, 2026, 12:00 IST
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