Mandi: लडभड़ोल में डॉक्टरों की कमी पर भड़के लोग, बोले- एक माह में भर्ती नहीं तो 2 अक्टूबर को धरना

नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। आलम यह है कि अस्पताल अब महज एक रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। जहां मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बाहर भेजना ही एकमात्र विकल्प है। इस बदहाली से नाराज होकर पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार को एक महीने के भीतर रिक्त पद भरने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा 2 अक्तूबर को गांधी जयंती पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। शनिवार को लांगणा वार्ड-36 की जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया व पूर्व सदस्य संजीव शर्मा ने अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि यहां बीएमओ समेत डॉक्टरों के चार पद खाली पड़े हैं और केवल दो डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इसके अलावा, रेडियोलॉजिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दो पद भी लंबे समय से रिक्त हैं, जिस कारण रात्रि सेवाएं ठप पड़ी हैं। निरीक्षण के बाद प्रतिनिधियों ने तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। संयुक्त प्रेस वार्ता में जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया और पूर्व जिला परिषद सदस्य संजीव शर्मा ने कहा कि अस्पताल की हालत बेहद दयनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले सात-आठ वर्षों में 104 मौतें ऐसी हुई हैं, जिन्हें यहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 30, 2025, 16:16 IST
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