VIDEO: दवाओं की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी, पकड़ी व्यापारियों की कारस्तानी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने बंद मेडिकल फर्म और निरस्त लाइसेंस से सैंपल, एक्सपायर, सरकारी और नकली दवाओं की तस्करी का खेल पकड़ा है। ये अंतरराज्यीय सिंडिकेट है। ऐसे में आगरा में थोक दवाओं के लाइसेंस की जांच की जा रही है। अभी तक जांच में दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली है। बिल और स्टॉक में भी अंतर पाया गया है। आगरा में दवाओं का अंतरराज्यीय सिंडिकेट पकड़ा था। यहां पर सरकारी और ब्रांडेड कंपनी के नाम की नकली दवाओं की कई राज्यों में तस्करी पकड़ी। सैंपल और एक्सपायर दवाओं की रीलेवलिंग कर इनको भी खपाते थे। इसमें जांच करने पर पाया कि बंद फर्म और निरस्त लाइसेंस के नाम पर ये तस्करी का खेल चल रहा था। यहां तक कि लाइसेंस निरस्त होने के बाद सगे-संबंधियों के नाम से नए लाइसेंस लेकर फिर से तस्करी शुरू कर दी जाती। ऐसे में आगरा में 3 हजार थोक लाइसेंस की जांच की जा रही है। इसमें अभी तक 200 से अधिक का सत्यापन हो गया है। इनमें भारी गड़बड़ी भी पकड़ी गई है। दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में अंतर, फर्म बंद थी, लेकिन लाइसेंस से कारोबार चल रहा था। स्टॉक रजिस्टर और भंडारण में भी अंतर पाया गया। इन सभी की रिपोर्ट बनाई जा रही है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नकली, सरकारी, सैंपल-एक्सपायर दवाओं की रीलेवलिंग कर कई राज्यों में अवैध कारोबार पकड़ में आने के बाद जिले में करीब तीन हजार थोक लाइसेंस की जांच हो रही है। इसमें गड़बड़ी मिलने पर पहले चरण में 58 के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। चरणबद्ध जांच करते हुए गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 25, 2026, 16:27 IST
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