सावन: 1400 साल पुराना गौरीशंकर मंदिर, जहां हर्षवर्धन के समय 1000 पुजारी करते थे शिव आराधना
इत्र नगरी कन्नौज का प्राचीन गौरीशंकर मंदिर सावन में शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हर दिन हजारों श्रद्धालु गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। धार्मिक महत्व के साथ यह मंदिर अपने गौरवशाली इतिहास के कारण भी विशेष पहचान रखता है। मान्यताओं के अनुसार सातवीं शताब्दी में जब कन्नौज सम्राट हर्षवर्धन की राजधानी था, तब गौरीशंकर मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख शिवधामों में शामिल था। चीन के प्रसिद्ध यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang) ने भी अपने यात्रा-वृत्तांत में उस समय के कन्नौज की धार्मिक समृद्धि का उल्लेख किया है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार सम्राट हर्षवर्धन ने मंदिर में भगवान शिव की नियमित पूजा-अर्चना के लिए करीब एक हजार पुजारियों की व्यवस्था कराई थी। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस शिवलिंग में भगवान शिव के साथ माता गौरी का स्वरूप भी दिखाई देता है, इसी कारण इसका नाम गौरीशंकर मंदिर पड़ा। सदियों से यह मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 05, 2026, 04:43 IST
सावन: 1400 साल पुराना गौरीशंकर मंदिर, जहां हर्षवर्धन के समय 1000 पुजारी करते थे शिव आराधना #SubahSamachar
