क्या गौतम अदाणी के खिलाफ मुकदमा है सियासी एजेंडा?: हरीश साल्वे बोले- इसका मकसद बिना ट्रायल केवल बदनाम करना
अमेरिकी न्याय मंत्रालय गौतम अदाणी के विरुद्ध कथित आपराधिक रिश्वतखोरी के हाई-प्रोफाइल आरोपों को हटाने के अपने फैसले का पुरजोर बचाव किया है। मंत्रालय ने इसके लिए सबूतों की कमी, अधिकार क्षेत्र से बाहर कार्रवाई करने और न्यायिक शक्तियों पर सांविधानिक सीमाओं का हवाला दिया। वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा, अदाणी व अन्य पर यह केस सिर्फ नाम खराब करने का प्रयास था, जिसका मकसद बिना किसी ट्रायल की संभावना के आरोप लगाना रहा। साल्वे ने कहा, मूल आरोप-पत्र में सामान्य कानूनी प्रक्रिया के बजाय एक व्यापक राजनीतिक एजेंडा झलकता है। वह बोले, मैंने हमेशा यही कहा है कि इसका समय ऐसा था जब बाइडन प्रशासन लगातार भारत-विरोधी नैरेटिव चला रहा था। वहां कुछ सीनेटर लगातार भारत में मानवाधिकारों की स्थिति खराब बताते रहे और देश को भ्रष्ट बताकर इसकी छवि खराब करने का प्रयास करते रहे। ये लोग भारत पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे थे। कोर्ट के पास मामला खारिज करने का ही विकल्प गौतम अदाणी व अन्य के खिलाफ रिश्वतखोरी केस को खारिज करने की मांग का बचाव करते हुए, अमेरिकी न्याय मंत्रालय के जवाब पर कानूनी विशेषज्ञों ने मामला दर्ज करने के लिए पेश किए गए सबूतों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। वॉल्डन हरन विलियम्स एलएलपी के पार्टनर जिम वॉल्डन ने कहा कि अब न्यूयॉर्क की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज के पास मंत्रालय के पक्ष में फैसला सुनाने के अलावा बहुत कम विकल्प बचे हैं। मंत्रालय का जवाब मजबूत था। अब जज की जिम्मेदारी स्पष्ट है। उनका एकमात्र संभावित फैसला मामले को खारिज करना है और यही इस मामले का अंतिम नतीजा है। वॉल्डन ने कहा, कोर्ट का अधिकार क्षेत्र सीमित है, खासकर इस तरह के मामले में। उम्मीद है, वे इस हफ्ते इसे खारिज कर देंगे। ये भी पढ़ें:Syama Prasad Mookerjee Statue:कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा का शिलान्यास, गृह मंत्री अमित शाह क्या बोले यदि मंत्रालय नहीं चाहता तो मुकदमा नहीं चलेगा: लेविन अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज को एक कड़ा जवाब दिया है। इसमें गौतम अदाणी, उनके भतीजे सागर अदाणी और अन्य के विरुद्ध केस खत्म करने की मांग के पीछे की वजहें बताई गई हैं। अमेरिकी कानून विशेषज्ञ सेठ लेविन ने कहा, प्रॉसिक्यूटर ने केस खत्म करने की मांग का फैसला लेकर इसी अधिकार का इस्तेमाल किया है। वह बोले, मुझे लगता है कि जब कोई पीछे हटकर हुई घटनाओं का विश्लेषण करता है, तो उसे यह समझना होगा कि सबसे पहले, मंत्रालय आरोप-पत्र खत्म करने का कदम उठा रहा है, जिसे कोई भी प्रशासन हल्के में नहीं लेता। सीधी बात है, यदि मंत्रालय मुकदमा चलाना नहीं चाहता है तो कोई केस नहीं चलेगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 07, 2026, 01:58 IST
क्या गौतम अदाणी के खिलाफ मुकदमा है सियासी एजेंडा?: हरीश साल्वे बोले- इसका मकसद बिना ट्रायल केवल बदनाम करना #World #International #GautamAdani #UsDepartmentOfJustice #BriberyCase #HarishSalve #NewYorkCourt #AdaniCase #SubahSamachar
