US-Iran Conflict: पेजेश्कियन ने US पर फीफा विश्वकप में धोखाधड़ी का लगाया आरोप; ईरानी सेना ने किसे दी चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच केवल सैन्य टकराव ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान (फीफा वर्ल्ड कप) को लेकर भी जुबानी जंग तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिका पर मनमानी करने का आरोप लगाया है, वहीं अपनी सीमा के पास मौजूद अमेरिकी ताकतों को खुली चेतावनी दी है। यह भी पढ़ें- US-Iran War: क्या टूट गया ईरान-अमेरिका समझौता ट्रंप को आया गुस्सा, कहा- तेहरान के साथ वार्ता समय की बर्बादी फीफा को लेकर ईरानी राष्ट्रपति का बड़ा बयान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। अमेरिका इस समय वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने आरोप लगाया कि अमेरिका मेजबान होने के नाते- नियमों को मरोड़ रहा है और अपने प्रतिद्वंद्वियों को डरा-धमका रहा है। दूसरों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है और धोखाधड़ी पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का यह बर्ताव उसके 'मागा (मेक अमेरिका, ग्रेट अगेन) प्लेबुक' यानी उसकी दादागिरी वाली विदेश नीति को दिखाता है। उन्होंने साफ किया कि ईरान ऐसी गंदी चालों को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। ईरान की सेना की खुली चेतावनी- मदद करने वाले भी बनेंगे निशाना इसी बीच ईरानी सेना ने अमेरिका के समर्थकों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने इसी हफ्ते ईरान के अंदर 80 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं और उस पर फिर से तेल प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसके जवाब में ईरान के सैन्य कमांड यूनिट (खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स) ने एक कड़ा बयान जारी किया है। ईरानी सेना ने कहा- अगर कोई भी देश या ताकत ईरान की संप्रभुता के खिलाफ अमेरिकी सेना की मदद करेगी, तो ईरानी सशस्त्र बल उसे भी अपना जायज निशाना मानेंगे और उस पर हमला करेंगे'। यानी ईरान ने उन सभी देशों को चेतावनी दे दी है जो अमेरिका को अपने सैन्य ठिकाने इस्तेमाल करने की इजाजत दे रहे हैं। होर्मुज में नया नियम मानने की चेतावनी वहीं, ईरान की 'रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स' (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उन्होंने क्षेत्र में मौजूद 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसे उन्होंने अमेरिकी आक्रामकता का शुरुआती जवाब बताया है। इस कार्रवाई के बाद ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अब अमेरिका के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने एक्स पर लिखा- अमेरिका को अब 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में ईरान के नए नियमों और व्यवस्था को स्वीकार करना ही होगा। यह भी पढ़ें- PM Modi Indonesia Visit: 'वेलकम मोदी जी से सर्वोच्च नागरिक सम्मान तक', प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया दौरा रहा खास होर्मुज को लेकर लगातार बढ़ रहा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का एक-तिहाई कच्चा तेल गुजरता है। ईरान का यह कहना कि वहां अब उसका 'नया शासन/नियम' चलेगा, सीधे तौर पर वैश्विक तेल सप्लाई और अमेरिकी नौसेना को बड़ी चुनौती है। इन बयानों से साफ है कि अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर किए गए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। ईरान अब न सिर्फ सैन्य रूप से बल्कि खेल और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अमेरिका की घेराबंदी करने में जुट गया है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 08, 2026, 13:34 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




US-Iran Conflict: पेजेश्कियन ने US पर फीफा विश्वकप में धोखाधड़ी का लगाया आरोप; ईरानी सेना ने किसे दी चेतावनी #World #International #Us-iranConflict #IranPresident #MasoudPezeshkian #Us #FifaWorldCup #IranianMilitary #UsSupporters #LegitimateTarget #SubahSamachar