बच्चों को देख खिले परिजनों के चेहरे

अंबाला सिटी/नारायणगढ़/मुलाना। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को निकालने के लिए चल रहे ऑपरेशन गंगा का परिणाम दिखाई देने लगा है। गत रात्रि सिटी से गई छात्रा किरण मंगलवार को सकुशल वापस लौट आई। वहीं मंगलवार शाम को नारायणगढ़ के दो और विद्यार्थी हर्ष सैनी व निधी सैनी अपने घर पहुंच गए हैं। बच्चों के घर लौटने पर परिवार में खुशी का माहौल है। हर्ष सैनी पुत्र अशोक कुमार सैनी निवासी नारायणगढ़ और निधि सैनी सुपुत्री रूलदा राम सैनी निवासी डैहर मंगलवार शाम को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनको लेने पहुंचे अशोक सैनी और रूलदा राम सैनी अपने बच्चों से मिलकर अत्यंत प्रफुल्लित हैं। दोनों ने बच्चों के सकुशल देश वापसी पर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के ओडेसा से अनेकों बाधाएं पार करते हुए उनके बच्चे सकुशल अपने घर पहुंचे हैं। हर्ष और निधि वर्ष 2017 में यूक्रेन के ओडेसा में मेडिकल की शिक्षा प्राप्त करने गए थे। दोनों अपने कुछ अन्य साथियों के साथ ओडेसा से 65 किलोमीटर दूर मालडोवा पहुंचे और वहां से रोमानिया। जहां से मंगलवार को सकुशल नारायणगढ़ लौट आए। बता दें कि इससे पूर्व गत सप्ताह जश्न मान पुत्र बलदीप मान भी यूक्रेन के लवीम से सकुशल नारायणगढ़ लौट चुका है। अंबाला पहुंची छात्रा किरण ने बताया कि वह तीन माह पहले ही यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गई थी। जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो भारत के ऑपरेशन गंगा के बारे में पता चला। उसमें उन्हें हंगरी बॉर्डर के रास्ते बाहर निकाला गया। अब एक साल तक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। अगर भविष्य में स्थिति सामान्य होती है तो वह दोबारा पढ़ाई के लिए यूक्रेन जाएंगी। किरण ने बताया कि उनके शहर को रेड जोन घाषित किया गया था। रोमानिया एयरपोर्ट पहुंचा अभिषेक वर्मानारायणगढ़ से यूक्रेन के ओडेसा में एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त करने गए अभिषेक वर्मा के पिता प्रवीन वर्मा ने बताया कि उसका पुत्र अपने कई साथियों सहित ओडेसा से रेल और बस का कठिन सफर करते हुए रोमानिया एयरपोर्ट पर पहुंच गया है। प्रवीन ने बताया कि अब अभिषेक वर्मा रोमानिया एयरपोर्ट पर सैकड़ों भारतीय छात्रों के साथ शेल्टर होम में रुका हुआ है। जिसने बातचीत में बताया कि वह शीघ्र भारत पहुंच जायेगा। हर्षवर्धन और उनके सहयोगियों के साथ किया बुरा बर्ताव हर्षवर्धन के पिता अधिवक्ता लाजपत भारांपुर ने बताया कि उसका पुत्र हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंच गया है। लाजपत के अनुसार हर्षवर्धन ने बताया कि गुरुद्वारा सिंह सभा वर्सा (पोलेंड) के कई सदस्य वहां के बॉर्डरों पर पहुंचने वाले छात्रों की पूरी मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हंगरी के एक बॉर्डर पर उसके पुत्र सहित कई छात्रों के साथ वहां के अधिकारियों ने दुर्व्यवहार किया। लाजतपत ने बताया कि उसने यहां से अपने कुछ संबंधियों से संपर्क किया। जिन्होंनेे हंगरी में भारत के दूतावास के उच्चाधिकारियों से बातचीत की। तभी वहां कुछ मीडिया कर्मी पहुंच गए। जिनके दबाव में बॉर्डर पर स्थित कर्मचारियों ने वहां छात्रों के कागजात पूरे किए। उन्होंने इस बात पर खुशी प्रकट की कि अब उनके पुत्र व अन्य छात्र सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच गए हैं। वे शीघ्र ही वतन लौट आएंगे।यूक्रेन में फंसे बच्चों के अभिभावकों का जाना एसडीएम ने हालयूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजन चिंतित हैं। जैसे-जैसे दिन व्यतीत होता है, वैसे-वैसे चिंता बढ़ती जाती है। हर दस मिनट बाद अपने बच्चे को फोन कर जानकारी ले रहे हैं। वहीं एसडीएम बराड़ा सत्यवान मान ने मंगलवार को यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। एसडीएम ने बताया कि मुलाना निवासी रविंद्र सैनी पुत्र राजिंद्र सैनी, बुढियो निवासी आंचल पुत्री सुरेश पाल, गजल मोर पुत्र बलविंद्र सिंह निवासी बुढियो, सरकपुर निवासी विशाखा पुत्री सुखविंद्र और उगाला निवासी प्रगुन पुत्र ब्रिजेश शर्मा के घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति जानी है। उन्होंने बताया कि वे क्षेत्र के सभी छात्रों की वर्तमान स्थिति व लोकेशन उच्च अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुलाना व बराड़ा क्षेत्र में तहसीलदार क्षेत्र में जाकर यूक्रेन में फंसे छात्रों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। यूक्रेन से सकुशल नारायणगढ़ पहुंचे हर्ष व निधि सैनी अपने परिजनों के साथ।- फोटो : Ambala

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 02, 2022, 00:53 IST
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