शुभेंदु अधिकारी की ममता बनर्जी को चुनौती: बोले- फिर चुनाव लड़कर दिखाइए, कांग्रेस के सामने झुकने का लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल की राजनीति में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। शुभेंदु ने ममता बनर्जी को फिर से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता अब अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने के लिए कांग्रेस और माकपा का सहारा ले रही हैं। दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने ममता के साथ उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने अभिषेक को 2029 का लोकसभा चुनाव उनके खिलाफ लड़ने की चुनौती दी। ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव लड़ने की चुनौती क्यों दी बारुईपुर की जनसभा में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता को अब दिल्ली चले जाना चाहिए, क्योंकि पश्चिम बंगाल में उनके लिए कुछ नहीं बचा है। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि ममता अब कांग्रेस और माकपा के साथ नजदीकी बढ़ाकर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता ने कभी कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस बनाई थी, लेकिन अब राजनीतिक महत्व बनाए रखने के लिए उसी कांग्रेस के सामने झुक रही हैं। शुभेंदु ने ममता को सीधे चुनावी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह फिर चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि वह ममता को दो बार चुनाव में हरा चुके हैं और एक बार फिर उन्हें शिकस्त देंगे। शुभेंदु ने यह भी कहा कि ममता को अब कोलकाता के बजाय दिल्ली में राजनीतिक जगह तलाशनी पड़ रही है। अभिषेक बनर्जी को 2029 के चुनाव के लिए क्या चुनौती दी शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने अभिषेक को चुनौती दी कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव उनके खिलाफ लड़कर दिखाएं। शुभेंदु ने कहा कि अगर अभिषेक चुनाव मैदान में उतरते हैं तो वह उन्हें हरा देंगे। उन्होंने दावा किया कि अभिषेक जितने मतों से जीतेंगे, उससे कम से कम एक वोट अधिक के अंतर से उन्हें हराया जाएगा। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि अभिषेक ने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं होने दिए। उन्होंने दक्षिण 24 परगना जिले में अभिषेक के प्रभाव पर भी सवाल उठाए। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि अभिषेक इस जिले में जमींदार की तरह व्यवहार करते थे और पंचायत चुनाव स्वतंत्र रूप से नहीं होने देते थे। तृणमूल कांग्रेस और ममता के खिलाफ शुभेंदु ने और क्या आरोप लगाए मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के घटते राजनीतिक प्रभाव का दावा करते हुए कहा कि अब ममता और अभिषेक को सार्वजनिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों में पहले की तरह आमंत्रित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दुर्गा पूजा आयोजनों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पहले सत्तारूढ़ दल के नेताओं को करीब 400 पूजा आयोजनों में बुलाया जाता था, जबकि विपक्षी नेताओं को केवल 20 कार्यक्रमों में निमंत्रण मिलता था। शुभेंदु ने कहा कि इस बार बुआ-भतीजे को किसी ने आमंत्रित नहीं किया। उन्होंने पूर्व टीएमसी मंत्री और गायक इंद्रनील सेन का भी जिक्र किया। शुभेंदु ने इशारों में चेतावनी देते हुए कहा कि इंद्रनील सेन के साथ युगल गीत गाने वालों को भी जेल जाना पड़ सकता है। इसे ममता बनर्जी की ओर इशारा माना गया, क्योंकि उन्होंने इंद्रनील सेन के साथ मंच साझा किया था। शुभेंदु ने ममता और अभिषेक को राजनीतिक बोझ बताते हुए कहा कि लोगों को धैर्य रखना चाहिए, उनकी सरकार गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने एक बड़े चोर को जेल भेजने की बात भी कही, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया। हिंसा और भ्रष्टाचार के मामलों में शुभेंदु ने क्या कार्रवाई का भरोसा दिया शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों का जिक्र करते हुए पीड़ितों से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अब तक शिकायत नहीं की है, वे अब ऐसा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह और पुलिस की जिम्मेदारी संभालने के नाते अपराधियों को जेल भेजना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बारुईपुर में कथित भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर न्याय के दायरे में लाने की चेतावनी भी दी। इसके अलावा उन्होंने अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन को वापस लेने और उसे गरीबों में बांटने का वादा किया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के जरूरतमंद लोगों को भी इसका लाभ दिया जाएगा। अन्नपूर्णा योजना का जिक्र करते हुए शुभेंदु ने दावा किया कि पात्र लोगों को सहायता मिल रही है और बाकी योग्य लाभार्थियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। अवैध बूचड़खानों और राजनीतिक विरोधियों को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में अवैध पशु वधशालाओं को बंद कराने का संकल्प दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी गैरकानूनी बूचड़खाने को चलने नहीं दिया जाएगा। बारुईपुर में भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी उन्होंने सख्त कार्रवाई की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं देबाशीष धर, रूपा गांगुली, पापिया अधिकारी और सर्वरी मुखर्जी का नाम लेते हुए कहा कि ये चारों उनके मुताबिक टुकड़े-टुकड़े गैंग से मुकाबला करने के लिए पर्याप्त हैं। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से माकपा और उसके समर्थकों का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने की अपील की। शुभेंदु के ये बयान ऐसे समय आए हैं, जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। भाजपा पूर्ववर्ती सरकार पर राजनीतिक डराने-धमकाने, भ्रष्टाचार और संस्थाओं पर कब्जा करने के आरोप लगाती रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इन आरोपों को खारिज करती रही है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 30, 2026, 14:52 IST
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