क्रीड़ा कॉन्फ्रेंस: बीएचयू में हुआ गुप्तकालीन चतुरंग, गोवा का तुल फाले और फारस का गंजीफा खेल; खिलौनों पर चर्चा

बीएचयू के शारीरिक शिक्षा विभाग में बृहस्पतिवार से शुरू हुई क्रीड़ा कॉन्फ्रेंस में काशी की लकड़ियों के बने पारंपरिक खिलौने सहित दक्षिण भारत के माइंड गेम्स और प्ले कार्ड्स की प्रदर्शनी लगी। 1700 साल पहले गुप्तकाल में खेला जाने वाला चतुरंग खेल हुआ। इसे शतरंज का प्राचीन भारतीय पूर्वज भी कहा जाता है। तेलंगाना से आईं छात्राओं ने विभाग में इसका स्टॉल लगाया। वहीं, गोवा का पारंपरिक खेल तुल फाले और फारसी व मुगल कालीन खेल गंजीफा भी लोगों को खूब पसंद आया। कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि खिलौनों को सिर्फ सामान्य या बच्चों के मनोरंजन की वस्तु के रूप में ही न देखा जाए। यह एक बड़ा बाजार है। इसकी डिजाइन में लोकप्रियता और उपयोग में सरलता भी हो। वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी शब्द आधारित बैठ कर खेले जाने वाले खेलों को बढ़ावा देना चाहिए।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 17, 2026, 23:40 IST
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