आत्मनिर्भरता: गैस संकट के बीच राहत की कहानी, चार साल से 124 घरों में गोबर गैस से पक रहा भोजन

ईरान और इस्राइल, अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत हो रही है। चंदौली जिले में बुकिंग के 10 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। दूसरी तरफ नियमताबाद ब्लॉक का एकोनी गांव इस संकट से पूरी तरह बेफिक्र नजर आ रहा है। गांव में स्थापित गोबर गैस प्लांट ने यहां के 124 घरों की रसोई को सुचारु रूप से चलाने का जिम्मा संभाल रखा है। गांव निवासी चंद्रप्रकाश सिंह ने शिक्षा पूरी करने के बाद गांव में गोशाला का निर्माण कराया। नंद गोशाला साफ एनर्जी और टाटा के संयुक्त प्रयास से यहां गोबर गैस प्लांट स्थापित कराया। इस प्लांट से गांव के 124 परिवार के घरों में पाइप लाइन से आपूर्ति शुरू की गई। इसके बाद गांव के लोगों ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिया। इसके बाद से आज तक सभी घरों में नियमित गैस की आपूर्ति हो रही है। इसे भी पढ़ें;Varanasi Weather: महादेव की काशी में फिर बदलेगा मौसम, आठ और नौ अप्रैल को हो सकती है बारिश गैस सिलिंडर संकट के बीच गैस आपूर्ति कंपनियों ने शहरी क्षेत्रों में बुकिंग के लिए 25 दिन, दो सिलिंडर वालों के लिए 35 दिन और उज्ज्वला कनेक्शन धारकों को 45 दिन बाद बुकिंग का नियम बना दिया। यही नहीं बुकिंग होने के 10 दिन बाद लोगों के घर में सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। इससे लोग रसोई चलाने के लिए परेशान हैं। दूसरी तरफ एकौनी गांव के लोग पूरी तरह निश्चिंत नजर आ रहे हैं। इनको देख कर अन्य गांवों में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने की मांग होने लगी है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 07, 2026, 08:29 IST
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