Uttarakhand: डॉलर की वजह से महंगा हो गया सोलर, आयोग ने इस वित्तीय वर्ष के लिए जारी किया ड्राफ्ट, मांगे सुझाव

डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती साख की वजह से उत्तराखंड में सोलर पावर प्लांट लगाना महंगा हो गया है। वहीं, आयोग ने सोलर पीवी, सोलर कैनाल से पैदा होने वाली बिजली के दाम घटा दिए हैं। सब्सिडी का लाभ लेकर सोलर पीवी लगाने वालों को बिजली के दाम और कम मिलेंगे। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सोलर पीवी, सोलर कैनाल, रूफटॉप, बीईएसएस और सोलर थर्मल की नई दरों का ड्राफ्ट जारी करते हुए इस पर चार मई तक सुझाव मांगे हैं। आयोग के प्रस्ताव के अनुसार एक अप्रैल 2026 या उसके बाद शुरू होने वाले सोलर पीवी प्रोजेक्ट्स के लिए पूंजीगत लागत 285.32 लाख प्रति मेगावाट तय की गई है, जो पिछले वर्ष 278.40 लाख रुपये थी। लागत बढ़ने का मुख्य कारण सोलर मॉड्यूल की कीमतों में बदलाव और विनिमय दर का 92.28 प्रति डॉलर तक पहुंचना बताया गया है। हालांकि सरकार ने जीएसटी 12 से घटाकर पांच प्रतिशत और आयात शुल्क 40 से घटाकर 20 प्रतिशत किया है। बावजूद इसके प्रदेश में सोलर प्रोजेक्ट लगाना महंगा साबित होगा। किसकी कितनी होगी बिजली की दर प्रोजेक्ट श्रेणी- वर्तमान दर- प्रस्तावित दर सोलर पीवी- 4.10- 3.96 नहर के किनारे (कैनाल बैंक)- 4.31- 4.09 नहर के ऊपर (कैनाल टॉप)-4.48- 4.26 रूफटॉप सोलर (नेट मीटरिंग)-2.00- 2.00(दर रुपये प्रति यूनिट में)

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 10, 2026, 04:37 IST
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