ओ भाद्रपद के कजरारे मेघ, अपनी सांवरी घटा में लपेट लो

ओ भाद्रपद के कजरारे मेघ आओ आओ और अपनी सांवरी घटा में लपेट लो गीली और बहुत कोमल मिट्टी से पोषित धरती की देह पर कितनी फब रही मैके से आई हरी साड़ी जब तुम आओगे मैं दुद्धा दानों वाले मकई के खेत में मचान पर बैठ कर कुंभार के आवे में सबसे ज्यादा पकी मिट्टी वाली गगरी कंकड़ियों से बजाते हुए गाऊंगा राग मल्हार !

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 26, 2019, 20:09 IST
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