12वां ब्रिक्स संसदीय मंच: शशि थरूर बोले- सभी मतभेद आपसी सहमति से सुलझे, कांग्रेस की रैली पर क्या कहा?

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को एक सफल आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल देशों ने संयुक्त घोषणापत्र पर अपने मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझा लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली कांग्रेस की प्रस्तावित रैली का भी बचाव किया। पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों के सांसद अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आए थे और यह आयोजन एक सकारात्मक मोड़ पर संपन्न हुआ।उन्होंने कहा, 'संयुक्त घोषणापत्र को लेकर कुछ चर्चा हुई थी। मुझे पता है कि एक देश विशेष कुछ और भी चाहता था, जिसे बाकी देश स्वीकार नहीं कर सके। अंत में, सब कुछ आपसी सहमति से सुलझ गया और भारत ने आधिकारिक तौर पर चीन को अध्यक्षता सौंप दी।' ये भी पढ़ें:'ई20 पेट्रोल के खिलाफ पैसे देकर चलाया गया अभियान': नितिन गडकरी ने किया बड़ा दावा, कहा- अब खत्म हो गया शोर कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर क्या बोले थरूर ने कहा कि भारत को ब्रिक्स और अन्य मंचों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संसदीय कूटनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहना चाहिए। एक नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के बारे में थरूर ने कहा कि अगर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है, तो पार्टी चुप नहीं रह सकती। उन्होंने कहा, 'जब तक सरकार और चुनाव आयोग हमारे नागरिकों के संवैधानिक अधिकार छीन रहे हैं, तब तक हम चुप कैसे रह सकते हैं' रैली का व्यापारियों पर पड़ने वाले असर को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए थरूर ने कहा कि कांग्रेस छोटे व्यवसायों का समर्थन करती है और उसका मकसद लोगों की आजीविका में बाधा डालना नहीं है। उन्होंने कहा, 'व्यापारियों को बस यह संदेश देने के लिए बुलाया गया है कि हम उनके खिलाफ नहीं हैं। असल में, कांग्रेस पार्टी छोटे कारोबारियों और छोटे व्यापारियों का समर्थन करती है।' उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि व्यापारी सफल हों और वह जनजीवन में कोई खलल नहीं डालना चाहती। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोक होटल लॉन सहित अन्य जगहों की अनुमति न मिलने के बाद, रामलीला मैदान ही पार्टी के पास बचा एकमात्र विकल्प था। थरूर ने कहा कि हमें जनता की आवाज उठानी चाहिए, जो एक विपक्षी दल के रूप में हमारा कर्तव्य है। साथ ही, सरकार को यह भी समझना चाहिए कि अगर इस मामले का समाधान निकल आता है और वे इसे बढ़ावा नहीं देते, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। ये भी पढ़ें:'टोरेंट पावर' प्रोजेक्ट विवाद: क्या पीएम के दौरे से पहले 32 हजार पेड़ काटे जाएंगे राउत ने केंद्र पर लगाए आरोप भाजपा सांसद ने क्या कहा भाजपा सांसद हेमांग जोशी ने भी 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को एक सफल आयोजन बताया। उन्होंने बताया कि इसमें स्थिरता, सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, कृषि और व्यापार में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। जोशी ने कहा कि भारत द्वारा इस मंच की मेजबानी करने से यहां आए प्रतिनिधिमंडलों को देश की 'विविधता में एकता' को करीब से देखने का मौका मिला। साथ ही, इससे उनके भारतीय समकक्षों के साथ भविष्य में और अधिक सहयोग की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी राष्ट्रों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल एक साथ आए, ताकि साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग को लेकर चर्चा की जा सके।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 27, 2026, 13:23 IST
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