Delhi NCR News: संस्कृत के छात्रों को आयुर्वेद चिकित्सक बनने का मिलेगा मौका

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने 2026-27 सत्र के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की जारी की अधिसूचना अमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सीएसयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा–प्री आयुर्वेद (नीट पीए) के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। परीक्षा के माध्यम से अब संस्कृत सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त बोर्डों से 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम कार्यक्रम में प्रवेश लेकर आगे बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की पढ़ाई कर आयुर्वेद चिकित्सक बन सकेंगे।यह कार्यक्रम राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) से स्वीकृत है। साथ ही केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न आयुर्वेद गुरुकुलों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसी वर्ष जनवरी में विश्वविद्यालय और एनसीआईएसएम ने देशभर के गुरुकुलों को जोड़ने के लिए आयुर्वेद गुरुकुल संबद्धता पोर्टल का शुभारंभ किया था। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि यह पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तैयार किया गया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. पवन कुमार ने बताया कि नीट पीए के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जुलाई 2026 के तीसरे सप्ताह से शुरू होगी। परीक्षा का आयोजन अगस्त के अंतिम सप्ताह अथवा सितंबर के प्रथम सप्ताह में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ऑफलाइन (ओएमआर आधारित) कराया जाएगा।पाठ्यक्रम की कुल अवधि सात वर्ष छह माह निर्धारित की गई है। इसमें दो वर्ष का प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम कार्यक्रम, चार वर्ष छह माह का बीएएमएस पाठ्यक्रम तथा एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होगी।दाखिले के लिए छात्र का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड, राज्य संस्कृत बोर्ड अथवा समकक्ष बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत तथा एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। छात्र की आयु 31 दिसंबर 2026 तक न्यूनतम 15 वर्ष तथा अधिकतम 25 वर्ष होनी चाहिए। नीट पीए परीक्षा 150 मिनट की होगी, जिसमें 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा तथा परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। प्रश्नपत्र संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी तीन भाषाओं में उपलब्ध रहेगा।विश्वविद्यालय ने प्रवेश परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम भी जारी कर दिया है। इसमें संस्कृत वाङ्मय, पुराण, इतिहास, व्याकरण, दर्शन तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है। छात्र इसके संबंध में सहायता के लिए विश्वविद्यालय के हेल्पलाइन नंबर 011-28520976 अथवा ई-मेल iks@sanskrit.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 08, 2026, 17:57 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Delhi NCR News: संस्कृत के छात्रों को आयुर्वेद चिकित्सक बनने का मिलेगा मौका #SanskritStudentsWillGetTheOpportunityToBecomeAyurvedicPhysicians. #SubahSamachar