Siddharthnagar News: कागजों में बन रहा रिसाइकिल सेंटर, जल रहा कचरा और बढ़ रहा प्रदूषण
नगर निकायों में प्रतिदिन निकल रहे सैकड़ों क्विंटल कूड़े के निस्तारण की योजना अधूरीसिद्धार्थनगर। घर, दुकानों व संस्थानों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए जिले के 11 नगर निकायों में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाने की योजना कागजों में सिमट कर रह गई है। नगर पालिका सिद्धार्थनगर में इसकी स्थापना नहीं होने से डंपिंग स्थलों पर कूड़े में आग लगा दी जा रही है, जिससे लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। साथ ही नगर पंचायत उसका और बिस्कोहर में निर्माण के बाद भी इसका संचालन नहीं हो सका है। यह हाल तब है जब जिला गंगा समिति की बैठक में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने नाराजगी जताते हुए तीनों नगर निकायों के ईओ को निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के दो नगर पालिका व नौ नगर पंचायतों में एमआरएफ सेंटर बनने थे। इसके तहत नगर पालिका बांसी व नगर पंचायत डुमरियागंज समेत आठ नगर निकायों में इसका निर्माण हो गया है। जबकि नगर पालिका सिद्धार्थनगर में चिह्नित भूमि में विवाद होने के बाद दूसरी भूमि नहीं खोजी जा सकी है, जिससे एमआरएफ सेंटर नहीं बन सका। इस कारण शहर का कूड़ा कभी सोहांस रोड पर पिठनी पुल के पास जमुआर किनारे डाला जाता है तो कभी नौगढ़ पुल के पास या पकड़ी स्थित निस्तारण केंद्र में डाला जाता है। यहां डंप किए गए कूड़े में आग लगने की घटना से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिनों शहर के नौगढ़ पुल के पास डंप कूड़े में आग लगने से उठ रहे धुंए के गुबार से नहीं दिखने के कारण सड़क पर कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो गए थे। वहीं, इन कूड़ों से उठने वाले दुर्गंध के चलते आसपास रहने वालों के साथ राहगीरों को भी सांसत हो रही है। 14 मई 2026 को जिला गंगा समिति की बैठक में नगर निकायों में निर्मित हो रहे एमआरएफ सेंटर के निर्माण व क्रियाशील करने की समीक्षा हुई थी। इसमें नगर पालिका सिद्धार्थनगर व नगर पंचायत उसका में इसके निर्माण के साथ ही बिस्कोहर में निर्माणाधीन सेंटर को जल्द पूर्ण कर संचालित करने का निर्देश दिया गया था। ---------------भूमि के पेच में शहर में नहीं बना केंद्रनगर पालिका सिद्धार्थनगर में एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए पकड़ी चौराहे के निकट चिह्नित भूमि पर विवाद के चलते निर्माण नहीं हो सका है। इसके बाद नगर पालिका और तहसील प्रशासन की ओर से शहर में महरिया आदि कई जगह तलाश की गई लेकिन भूमि नहीं मिली। इसके पेच में एमआरएफ सेंटर का निर्माण नहीं हो सका है। इससे शहर में घर, दुकान और संस्थान से निकलने वाले कचरे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है और डंपिंग स्थलों पर शहर का कूड़ा बिना अलग किए खुले में फेंका जाता है।-----------गीले व सूखे कूड़े को अलग कर करना है रिसाइकिलघर, दुकान व संस्थानों से निकलने वाले कूड़े में गीले और सूखे कूड़े को अलग करके निस्तारित करने की योजना के तहत नगर निकायों में एमआरएफ सेंटर स्थापित होने है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी कूड़ा निस्तारण के लिए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) या एमआरएफ सेंटर स्थापित किए जाने हैं। इसके तहत कूड़े व कचरे के निस्तारण की योजना है। इसमें सूखे कूड़े को अलग कर अलग उपयोग लाया जाना है, जबकि गीले कूड़े को अलग कर रिसाइकिल करके खाद बनाया जाता है। -----------सेमरा सागर में डाला गया कूड़ानगर पंचायत शोहरतगढ़ के निकट स्थित सेमरा सागर में कस्बा का कूड़ा डाले जाने की शिकायत की गई। ग्राम लुचुइयां निवासी सदानंद मिश्र ने दिए गए शिकायती पत्र में गांव के निकट स्थित सेमरा सागर में शोहरतगढ़ कस्बे का कूड़ा जलाए जाने आरोप लगाया है। उनका कहना है जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा के लिए बने सेमरा सागर में कूड़ा डालने से किसानों को परेशानी हो रही है। कूड़े के दुर्गंध से भी ग्रामीणों को सांसद झेलनी पड़ रही है। उन्होंने मामले की जांचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।-------------कूड़े में लगी आग, धुंए से परेशान रहे राहगीर और व्यापारीसंवाद न्यूज एजेंसीसिद्धार्थनगर। शहर के पकड़ी चौराहे के निकट स्थित निस्तारण केंद्र पर एकत्रित कूड़ा में मंगलवार को आग लग गई। इससे उठ रहे धुंए से सड़क से गुजर रहे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आसपास के निवासी और दुकानदारों का दम घुटता रहा और सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही थी। स्थानीय लोगों ने निस्तारित करने की जगह कूड़ा जलाने का विरोध करते हुए समस्या के तत्काल निदान की मांग की है।नगर पालिका की ओर से पकड़ी चौराहे के निकट कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित किया गया है, जहां पर शहर का कूड़ा गिराया जाता है। यहां सूखा और गीला कूड़ा अलग कर निस्तारित किए जाने की योजना थी लेकिन इस पर कार्य नहीं हो सका है। इस कारण बीते दो वर्ष से यहां गिराए गए कूड़ा में कई बार आग लगने पर उठने वाले धुंए के कारण स्थानीय लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती है। मंगलवार को कूड़ा में आग लगने से उठ रहे धुंए के चलते नौगढ़-पकड़ी हाईवे मार्ग पर राहगीरों को सांसत झेलनी पड़ रही थी। सड़क से गुजर रहे बाइक सवार मुंह ढककर गुजरने को मजबूर दिखे। आसपास के लोगों का कहना था कि कूड़े में लगी के कारण उठ रहे धुंए से उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगर पालिका से तत्काल इस समस्या के निदान की मांग की है।कक्षाओं में छात्रों काे परेशानीकूड़े में लगी आग के धुंए के गुबार से पकड़ी चौराहे के आसपास स्थित निजी डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज व प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को दिक्कत हो रही है। धुंए से स्कूल व कॉलेज के कक्षाओं में पहुंचने से पढ़ रहे छात्रों को सांस लेने में परेशानी होने के साथ ही उनकी आंखों में दिक्कत हो रही है।निस्तारण केंद्र के कूड़े में लगी आग के धुंए से स्कूल में पढ़ रहे छात्रों और शिक्षकों समेत आसपास के लोगों को भी परेशानी हो रही है, इसका तत्काल निदान किया जाए।- विनय पांडेय, विद्यालय प्रबंधककूड़े में लगी आग से घर व दुकान धुंए से भर जा रहा है। इससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है और आंख में भी परेशानी हो रही है। इसका जल्द निदान होना चाहिए।- लवकुश चौधरी, दुकानदार
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 09, 2026, 03:02 IST
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