यूपी: आखिर किसे बचाने के लिए हटाई गई CCTV फुटेज? संदिग्ध टिन्नू ने के उगले राजों से फंस सकते हैं बड़े चेहरे
राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में हर दिन नई कड़ियां जुड़ रही हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है यह साफ होता जा रहा है कि बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। एसआईटी को जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिससे आशंका है कि सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की गई थी ताकि रकम पार कर सुबूत मिटाए जा सकें। हालांकि, अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, निगरानी करने वाले असल जिम्मेदार एसआईटी के सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे हैं। जांच टीम ने रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से भी लंबी पूछताछ की है। एसआईटी की टीम सोमवार से अयोध्या में डेरा डाले है। पहले दिन करीब साढ़े सात घंटे और मंगलवार को 11 घंटे मंदिर परिसर में रहकर टीम ने जांच की थी। बुधवार को भी जांच का सिलसिला जारी रहा। सुबह करीब दस बजे एसआईटी की टीम मंदिर परिसर पहुंची। जहां ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत अन्य कई पदाधिकारी, कर्मचारी, पुजारी और बैंक कर्मी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक टीम ने सीसीटीवी कैमरों की स्थिति को गहनता से परखा। इसमें कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं जिससे आशंका है कि चोरी करने वालों ने फुटेज से छेड़छाड़ की है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 18, 2026, 03:48 IST
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