Agra News: हिस्ट्रीशीटर आलोक यादव गैंग से थी राज चाैहान रंजिश
आगरा। ट्रांस यमुना क्षेत्र में काफी समय से ठाकुर और यादव बिरादरी के नाम पर रंगबाजी चल रही थी। दोनों ही ओर से एक-दूसरे पर हमले हो रहे थे। राज चौहान ने मई 2024 में नगला रामबल के रहने वाले प्रिंस उर्फ काली यादव को उसके दोस्त सौरभ के घर के बाहर गोली मारी थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक यमुनापार क्षेत्र में वर्चस्व की जंग चल रही थी। एक ओर राज चौहान था और दूसरी ओर आलोक यादव का गैंग। आलोक गैंग का सपोर्ट एक अन्य हिस्ट्रीशीटर भी कर रहा था। दोनों के बीच क्षेत्र के हर गलत काम की वसूली को लेकर तनातनी थी। यमुना किनारे होने वाले जुआ के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने थे। सूत्रों की मानें तो एक सप्ताह पूर्व यमुना किनारे राज चौहान साथियों संग एक जुआ लूटने पहुंचा था। पुलिस को भागते समय कुछ वाहन मिले थे। कुछ का शांतिभंग में चालान किया गया था। राज ने दादा की भी हत्या की थीपुलिस के अनुसार हाथरस में रहने के दाैरान राज चाैहान ने अपने दादा की भी हत्या की थी। नाबालिग होने के कारण से दो वर्ष बाल सुधार गृह में रखा गया था। पुलिस ने बंद कराया था होटल जिस होटल में हत्या हुई, उसे कुछ दिन पूर्व बंद कराया था। होटल के मैनेजर पर एक-दूसरे धर्म की शादीशुदा महिला को लाने पर पुलिस ने कार्रवाई की थी।होटल बंद भी करवाया था। पुलिस को राज चौहान के कमरे से शराब की बोतलें और गिलास मिले हैं। अन्य कमरों से भी कुछ आपत्तिजनक सामान मिले हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 24, 2026, 03:10 IST
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