Delhi: कबूतर-कुत्तों को खाना खिलाने पर NDMC का शिकंजा, अनुपालन रिपोर्ट में 2000 से अधिक बंदर पकड़ने का दावा
राजधानी में बंदर, कबूतर और कुत्तों को खुले में खिलाने से होने वाली गंदगी और बीमारियों को रोकने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने एक अधिकृत एजेंसी के माध्यम से अब तक 2000 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा है। इन बंदरों को पशु चिकित्सकीय जांच के बाद सुरक्षित रूप से असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया है। कई स्थानों पर बंदरों को न खिलाएं के बोर्ड लगाए गए हैं और लंगूर के कटआउट भी लगाए जा रहे हैं। यह दावा एनडीएमसी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में अपनी अनुपालन रिपोर्ट सौंपते हुए किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे पहले कबूतरों को खिलाने वाले स्थानों की पहचान की गई और वहां नियमित सफाई व्यवस्था शुरू की गई। साथ ही, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करते हुए जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुल 76 चालान किए गए। इसमें जनवरी 2026 में 23, फरवरी 2026 में 14 और मार्च 2026 में 39 चालान किए गए। एसंबंधित इलाकों से बिना इजाजत सामान बेचने वालों को भी हटा दिया है। साथ ही, विभाग ने अपने इलाके में कबूतरों को दाना खिलाने के लिए कुछ जगहें तय की हैं और अपने फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं। नुक्कड़ नाटक के जरिए फैलाई जागरूकता एनडीएमसी अनुसार लके चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. मृगांक बोरा ने कहा कि विभाग एनजीटी के निर्देशों के गातार कार्रवाई कर रहा है और सफाई, जागरूकता और नियम पालन पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। एनडीएमसी इलाके में 15 से अधिक प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन अभियानों के जरिए लोगों को समझाया गया कि बंदरों को खिलाना उनकी आदत बदल देता है और यह इंसानों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। कुत्तों को खिलाने के लिए नई व्यवस्था लागू रिपोर्ट के अनुसार, कुत्तों को खिलाने के लिए भी एनडीएमसी ने नई व्यवस्था लागू की है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए)के साथ मिलकर 100 तय फीडिंग पॉइंट बनाए गए हैं, जहां लोग निर्धारित तरीके से ही कुत्तों को खाना खिला सकते हैं। इन स्थानों पर निर्देश बोर्ड लगाए गए हैं और साफ-सफाई के नियम भी लागू किए गए हैं। रिपोर्ट के साथ एनडीएमसी ने फोटो, चालान, सोशल मीडिया अभियान और अनुबंध से जुड़े दस्तावेज भी एनजीटी को सौंपे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि लोगों ने बंदरों को पकड़ने से मिली राहत को स्वीकार किया है और कई लोगों ने शेष बंदरों को पकड़ने के लिए इस प्रक्रिया को दोहराने का अनुरोध किया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 21, 2026, 04:35 IST
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