जूनियर एचसीएस बनाम जूनियर आईएएस: एसडीएम तैनाती पर उठे सवाल, क्या प्रशासनिक मानकों से अलग चल रही व्यवस्था

हरियाणा की प्रशासनिक व्यवस्था में इन दिनों एक रोचक और बहस का विषय सामने आया है। वर्तमान स्थिति ऐसी बन गई है कि प्रदेश में जूनियर एचसीएस (हरियाणा सिविल सेवा–कार्यकारी शाखा) अधिकारियों को जूनियर आईएएस अधिकारियों के समान एसडीएम पद पर तैनात किया गया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार की दृष्टि में जूनियर एचसीएस अधिकारियों का दर्जा व्यवहारिक रूप से जूनियर आईएएस से भी ऊपर माना जा रहा है। प्रशासनिक मामलों के जानकार और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार सामान्य प्रशासनिक ढांचे में आईएएस, जो अखिल भारतीय सेवा है, का दर्जा एचसीएस जैसी प्रादेशिक सेवा से ऊपर होता है। आईएएस अधिकारी सीधे संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा से चयनित होते हैं या फिर लंबी सेवा के बाद राज्य सिविल सेवा से पदोन्नति के माध्यम से बनते हैं। वर्तमान स्थिति में हरियाणा कैडर के वर्ष 2022 बैच के सात में से छह आईएएस अधिकारी विभिन्न उपमंडलों में एसडीएम के रूप में तैनात हैं। इनमें अंकित कुमार चौकसी (झज्जर), अंजलि श्रोत्रिया (गोहाना), अर्पित संगल (डबवाली), ज्योति (पलवल), डॉ. राहुल रैया (असंध) और उत्सव आनंद (सांपला) शामिल हैं। इसी प्रकार 2023 बैच के भी छह आईएएस अधिकारीअंकिता पंवार (नूंह), अनिरुद्ध यादव (नारनौल), अभिनव सिवाच (बहादुरगढ़), आकाश शर्मा (टोहाना), कनिका गोयल (महेंद्रगढ़) और योगेश सैनी (चरखी दादरी)एसडीएम पद पर कार्यरत हैं। हेमंत कुमार बताते हैं कि आईएएस अधिकारियों को सेवा के शुरुआती चार वर्षों तक सामान्यतः एसडीएम पद पर तैनात किया जाता है और उसके बाद उन्हें सीनियर स्केल देकर अतिरिक्त उपायुक्त जैसे पदों पर नियुक्ति योग्य बनाया जाता है। जनवरी 2026 से 2022 बैच के आईएएस अधिकारियों को सीनियर टाइम स्केल भी मिल चुका है। वहीं दूसरी ओर वर्ष 2023 बैच के नौ जूनियर एचसीएस अधिकारीकुंवर आदित्य विक्रम (पुन्हाना), विपिन कुमार (महम), अप्रतिम सिंह (हथिन), आशीष सांगवान (बाढ़डा), अजय हुड्डा (कलायत), रमन गुप्ता (बादली), विश्वनाथ (जगाधरी), पारस भगोरिया (ऐलनाबाद) और प्रमेश सिंह (गुहला)भी एसडीएम पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी सेवा अवधि अभी दो वर्ष ही हुई है। हेमंत कुमार के अनुसार दिसंबर 2025 में जारी एचसीएस कैडर संख्या निर्धारण आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एसडीएम पद सामान्यतः पांच वर्ष से अधिक सेवा वाले एचसीएस अधिकारियों के लिए निर्धारित है। इस आधार पर मौजूदा 2023 बैच के एचसीएस अधिकारी आधिकारिक तौर पर जनवरी 2028 के बाद ही एसडीएम पद के पात्र माने जाएंगे। हालांकि आईएएस और एचसीएस अधिकारियों की तैनाती व तबादले का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है, परंतु प्रशासनिक सिद्धांतों के अनुसार तैनाती में संतुलन और नियमों का पालन अपेक्षित होता है। मौजूदा व्यवस्था में जूनियर एचसीएस और जूनियर आईएएस अधिकारियों को एक समान पद पर तैनात किए जाने से प्रशासनिक हलकों में चर्चा और सवाल दोनों तेज हो गए हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 09, 2026, 17:43 IST
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