जियो आईपीओ: एआई, क्लाउड और स्पेस टेक्नोलॉजी के नाम होगा अगला दशक, आकाश अंबानी ने बताई भविष्य की योजना
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के अवसर पर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने अगले दशक की योजनाएं बताईं। उन्होंने कहा कि जियो अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड डिवाइस और अंतरिक्ष के जरिये कनेक्टिविटी जैसी तकनीकों को आम लोगों तक पहुंचाने पर काम करेगा। आकाश ने कहा, अगले 10 साल में हमारा लक्ष्य हर उस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाना है, जो भारतीयों की जिंदगी बदल सकती है। इसमें एआई, क्लाउड, कनेक्टेड डिवाइस, अंतरिक्ष से मिलने वाली कनेक्टिविटी और ऐसी डिजिटल सेवाएं शामिल हैं, जिनकी अभी कल्पना भी नहीं की गई है। आकाश ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ सिर्फ 95 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। यह भारत के सबसे बड़े आईपीओ का सबसे तेज सब्सक्रिप्शन था। उनके मुताबिक, इश्यू को 7.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मांग मिली और 13 करोड़ से अधिक भारतीयों ने इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने निवेशकों का आभार जताते हुए कहा कि कंपनी की जिम्मेदारी आने वाले दशकों में उनकी संपत्ति की रक्षा करना और उसे बढ़ाना है। इसके लिए ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में लिस्टिंग मंजिल नहीं, बल्कि शुरुआत है। ईशा ने पहले आईपीओ को किया याद जियो प्लेटफॉर्म्स की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में पैरेंट कंपनी रिलायंस के 1977 के पहले सार्वजनिक निर्गम का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय उनके दादा धीरूभाई अंबानी ने 2.82 करोड़ रुपये जुटाए थे और कंपनी का मूल्यांकन 10 करोड़ रुपये था। ईशा के मुताबिक, इस साल जियो ने करीब 15.5 अरब डॉलर का राजस्व और उनके शब्दों में करीब 8 अरब डॉलर की कमाई दर्ज की। रिकॉर्ड 79.8 लाख शेयरधारक वाली कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स सबसे बड़ा शेयरधारक आधार (शेयरहोल्डर बेस) वाली भारतीय कंपनी बन गई है। आईपीओ के बाद 79.6 लाख शेयरधारकों के साथ टेलीकॉम दिग्गज ने शेयर बाजार की कई ऐसी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है, जिनके शेयर सबसे ज्यादा लोगों के पास हैं। टाटा मोटर्स को पीछे छोड़ा कंपनी शेयरधारक बेस जियो प्लेटफॉर्म्स 79.8 लाख टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 61.2 लाख वोडाफोन आइडिया 57.9 लाख इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प 50.1 लाख तीन पीढ़ियांहर बार मजबूत होता गया रिलायंस रिलायंस की कहानी का आगाज धीरूभाई अंबानी की उद्यमी शुरुआत से हुआ। मुकेश अंबानी ने कारोबार को और बड़ा किया। परिवार की तीसरी पीढ़ी यानी आकाश, ईशा और अनंत अंबानी भी इस सिलसिले को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। पहली पीढ़ी : धीरूभाई अंबानी 1977 में पहली बार रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज का आईपीओ लेकर आए थे, जिससे रिलायंस समूह का बाजार पूंजीकरण 10 करोड़ रुपये हो गया। 6 जुलाई, 2002 को उनके निधन तक समूह की बाजार पूंजी 43,761 करोड़ रुपये पहुंच गई। दूसरी पीढ़ी : मुकेश अंबानी की अगुवाई में दूरसंचार, रिटेल और डिजिटल इकोसिस्टम में विस्तार के चलते समूह का बाजार पूंजीकरण 15 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया। तीसरी पीढ़ी : आकाश, ईशा और अनंत अंबानी मिलकर समूह के विभिन्न कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। आकाश अंबानी की अगुवाई वाले जियो प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग ने और मजबूत बनाते हुए रिलायंस समूह के बाजार पूंजी को 28.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच दिया। इसके साथ ही, टाटा समूह को पीछे छोड़ते हुए रिलायंस अब देश का सबसे बड़ा कारोबारी घराना बन गया है। 100 अरब डॉलर के खास क्लब में एंट्री मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स दुनिया की चौथी ऐसी कंपनी बन गई, जिसे उसके संस्थापक खुद चला रहे हैं। इन कंपनियों ने अपने आईपीओ के समय 100 अरब डॉलर से अधिक की इक्विटी वैल्यूएशन हासिल की थी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 29, 2026, 02:31 IST
जियो आईपीओ: एआई, क्लाउड और स्पेस टेक्नोलॉजी के नाम होगा अगला दशक, आकाश अंबानी ने बताई भविष्य की योजना #BusinessDiary #National #Jio #JioIpo #SubahSamachar
