जयपुर: सालभर रेड जोन से दूर रही शहर की हवा, मानसून में सबसे ज्यादा साफ; दिवाली पर फिर बढ़ेगा प्रदूषण का खतरा

दिवाली से पहले जयपुर की हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। गुरुवार पांच नवंबर को शहर के कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब श्रेणी में पहुंच गया। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, सुबह तीन बजे मानसरोवर सेक्टर-12 में AQI 223 और रीको सीतापुरा में 211 दर्ज किया गया। पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में यह 200 और शास्त्री नगर में 176 रहा। वहीं, आदर्श नगर में AQI 83 दर्ज हुआ। अलग-अलग इलाकों के आंकड़े बताते हैं कि शहर में हवा की गुणवत्ता एक जैसी नहीं है। हालांकि, जनवरी से तीन नवंबर 2026 तक जयपुर का AQI एक भी दिन बहुत खराब या गंभीर श्रेणी तक नहीं पहुंचा। साल की शुरुआत में हवा की स्थिति खराब रही थी, लेकिन इसके बाद सुधार हुआ। मानसून के दौरान सबसे ज्यादा राहत मिली। जुलाई में 31 में से 20 दिन और अगस्त में 28 दिन हवा संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। अब दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ना शहर के लिए नई चुनौती है। जनवरी-फरवरी में बिगड़ी हवा, मार्च-अप्रैल में भी राहत कम साल की शुरुआत में जयपुर की हवा सबसे ज्यादा प्रभावित रही। जनवरी में छह दिन AQI 200 के पार रहा और सात जनवरी को अधिकतम 257 दर्ज किया गया। फरवरी में 26 दिन हवा मध्यम श्रेणी में रही, जबकि केवल दो दिन AQI संतोषजनक स्तर पर दर्ज हुआ। मार्च में भी 31 में से 28 दिन हवा मध्यम श्रेणी में रही। अप्रैल में 27 दिन AQI मध्यम स्तर पर दर्ज किया गया। यह भी पढें-जयपुर: दो लाख की रिश्वत मांगने वाला ईपीएफओ अधिकारी एसीबी के ट्रैप में, एक लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार मानसून में सबसे ज्यादा साफ रही हवा मई से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ। इस महीने छह दिन AQI संतोषजनक श्रेणी में रहा, जबकि जून में ऐसे दिनों की संख्या बढ़कर 16 हो गई। मानसून के दौरान स्थिति और बेहतर हुई। जुलाई में 31 में से 20 दिन और अगस्त में 31 में से 28 दिन हवा संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। दो अगस्त को AQI 49 रहा, जो इस महीने का सबसे बेहतर स्तर था। सितंबर में भी 18 दिन हवा संतोषजनक श्रेणी में रही, हालांकि पांच दिन AQI खराब श्रेणी में पहुंचा। अक्टूबर में 24 दिन हवा मध्यम और सात दिन संतोषजनक श्रेणी में रही। इस महीने 22 अक्टूबर को अधिकतम AQI 146 दर्ज किया गया। नवंबर के शुरुआती दिनों में अलग-अलग इलाकों में अंतर तीन नवंबर को जयपुर के छह सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में अलग-अलग इलाकों की हवा की गुणवत्ता में अंतर दिखा। आदर्श नगर में AQI 52 दर्ज किया गया, जबकि मानसरोवर सेक्टर-12 में यह 180 और रीको सीतापुरा में 165 रहा। इससे साफ है कि शहर के सभी इलाकों में हवा की गुणवत्ता एक जैसी नहीं है। दिवाली पर हवा की सेहत की होगी परीक्षा सालभर के आंकड़ों में राहत जरूर है, लेकिन प्रदूषण का खतरा खत्म नहीं हुआ है। जनवरी में AQI का 257 तक पहुंचना और सितंबर में पांच दिन खराब श्रेणी में रहना बताता है कि मौसम और स्थानीय गतिविधियों का असर हवा पर पड़ता है। दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण प्रदूषण बढ़ा सकते हैं। AQI के छह स्तर, रंगों से समझें हवा की गुणवत्ता केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार AQI को छह श्रेणियों में बांटा गया है। शून्य से 50 तक अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर श्रेणी मानी जाती है। AQI जितना अधिक होता है, हवा में प्रदूषण का स्तर और उससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाला संभावित असर उतना ही ज्यादा होता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 05, 2026, 02:15 IST
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