Iran: ईरान में युद्ध और महंगाई के बीच युवाओं का सुकून भी छिना, दर्जनों कैफे सील: क्या चाहती है हुकूमत?
युद्ध के साये, आसमान छूती महंगाई और रोजगार के घटते अवसरों के बीच ईरान की युवा पीढ़ी के पास सामान्य जिंदगी जीने का सिर्फ एक ही सस्ता जरिया बचा था-शाम के वक्त दोस्तों के साथ किसी कॉफी शॉप में बैठकर थोड़ा वक्त सुकून से काटना। लेकिन फुटपाथ में कुर्सियों पर पसरे युवा, सिगरेट का धुआं, बेपरवाह गपशप और कभी-कभार छिपाकर बीयर पीने (जिसकी सजा देश में कोड़े हैं), वाले ये दृश्य कट्टरपंथी हुकूमत को खामोश बगावत नजर आने लगे। नतीजा, पुलिस-प्रशासन कैफे बंद कराने लगा। राजधानी तेहरान समेत देश के कई शहरों में हाल में दर्जनों कैफे, रेस्टोरेंट और बुटीक सील किए गए हैं। वैसे तो वजह यही बताई गई कि अनिवार्य हिजाब कानून और इस्लामी मूल्यों की अनदेखी हो रही है। लेकिन तेहरान के कैफे मालिक आमिर का कहना है कि यह हुकूमत की बेचैनी और युद्ध से थके समाज को नियंत्रित करने की कोशिश है। आमिर कहते हैं, हम खुद को यही तसल्ली देते हैं कि यह सिर्फ एक लहर है। ईरान के कॉफी शॉप कल्चर पर किताब लिखने वाली हालेह मीर मीरी के अनुसार, इसमें युवा जिंदगी जीने के वैकल्पिक रास्ते तलाशते हैं। तेहरान की आर्टिस्ट मोना कहती हैं, कैफे छोटे होने से लोग फुटपाथ पर खड़े होकर बातें करने लगते हैं। पुलिस को लगता है कि यह प्रदर्शन की तैयारी है। हावी होने की जंग ईरान में कैफे के आसपास इस तरह युवाओं की भीड़ जुटने को सरकार संभावित प्रदर्शन से जोड़कर देख रही है। यही नहीं, सार्वजनिक जगह पर हावी होने की कोशिश में भी सरकार कड़े कदम उठा रही है। क्योंकि युद्ध की अनिश्चितता के बीच हुकूमत अपने समर्थन में रैलियां निकाल रही है। ऐसे माहौल में कैफे का यह आजाद माहौल सरकारी नैरेटिव को सीधी चुनौती देता है। बिना हिजाब वाहन दौड़ाती युवतियां दे रहीं चुनौती ईरान में इन दिनों एक पुराना सामाजिक और सांस्कृतिक टकराव फिर से भड़क उठा है। ईरान की राजधानी तेहरान और ऐतिहासिक शहर शिराज की सड़कों पर आजकल एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। ये भी पढ़ें:ट्रंप कोसुप्रीम कोर्ट से राहत:पोस्टल बैलेट सेमतदान संबंधी आदेश को मिली मंजूरी, मध्यावधि चुनाव पर क्या असर बिना हिजाब, सिर पर केवल हेलमेट लगाए और टी-शर्ट पहने लड़कियों के काफिले फर्राटा भरते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो डाल रहे हैं-हम शिराज की मोटरबाइक गर्ल्स हैंचलो आगे बढ़ें। गौरतलब है कि शरिया और कट्टरपंथी व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए हिजाब पहनना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसलिए भी हो रही कार्रवाई : 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद भड़के महिला, जिंदगी, आजादी आंदोलन से हुकूमत सबक ले चुकी है। इसलिए पुलिस अब सीधे लड़कियों को पकड़ने के बजाय उन कैफे और रेस्टोरेंट्स को सील कर रही है जो बिना हिजाब वाली युवतियों को सेवाएं देते हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 25, 2026, 04:54 IST
Iran: ईरान में युद्ध और महंगाई के बीच युवाओं का सुकून भी छिना, दर्जनों कैफे सील: क्या चाहती है हुकूमत? #World #International #SubahSamachar
