अंबाला में 1857 शहीदों का अंतरराष्ट्रीय स्मारक, डिजिटल गाथा और पर्यटन का नया केंद्र

अम्बाला-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाया जा रहा आजादी की पहली लड़ाई का अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शहीदी स्मारक शहीदों को समर्पित होगा। इस स्मारक में आने वाले लोगों एवं पर्यटकों को स्वतंत्रता संग्राम की पूरी गाथा के बारे में जानकारी भी मिल सकेगी। लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा बुधवार को शहीदी स्मारक का जायजा ले रहे थे। यह शहीदी स्मारक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का है तथा शहीदी स्मारक से सम्बन्धित अधिकतर कार्य पूरा कर लिया गया है। यह शहीदी स्मारक शहीदों को समर्पित है जिन्होने 1857 की लड़ाई में अपने प्राणों को न्यौछावर किया था। इस स्मारक में शहीदों द्वारा जो आहुति दी गई है, उसका भी विस्तार से वर्णन किया गया है। आजादी की लड़ाई कैसे लड़ी गई, अनसंग वीरों ने आजादी के लिए अपने प्राणों तक को न्यौछावर कर दिया, इसका यहां पर बखूबी वर्णन किया गया है। यह स्मारक आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है तथा पर्यटन की दृष्टि से भी इसकी अलग पहचान होगी। यहां पर आने वाले लोग शहीदी स्मारक की सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। अम्बाला की धरती एतिहासिक है, आजादी की पहली चिंगारी यहीं से शुरू हुई थी। यहां पर 1857 की क्रांति से जुड़ी डिजीटल फिल्में भी हैं जिसे डिजीटल ऑडियो के माध्यम से हिन्दी, पंजाबी, अंग्रेजी में भी सुना जा सकता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 05, 2026, 16:12 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




अंबाला में 1857 शहीदों का अंतरराष्ट्रीय स्मारक, डिजिटल गाथा और पर्यटन का नया केंद्र #CityStates #Chandigarh-haryana #Ambala #Amabal #AmabalaNews #ShaheedSmarak #FirstWarOfIndependence #1857KiKranti #Haryana #HaryanaNews #HindiNews #History #HistoricalFacts #SubahSamachar