चिप से बड़ी छलांग की तैयारी: पैकेजिंग से आगे बढ़ा भारत; घरेलू डिजाइन और आपूर्ति शृंखला पर अब पूरा जोर

छोटी सी चिप के जरिये देश बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। बात सिर्फ चिप की पैकेजिंग तक सीमित नहीं रहने वाली है, अब जोर कच्चे माल से लेकर घरेलू चिप डिजाइन व आपूर्ति शृंखला की क्षमता पर है। देश में स्थापित होने जा रहीं नईं सेमीकंडक्टर परियोजनाएं आने वाले वक्त में उत्पादन शुरू कर देंगी। इसमें 75 प्रतिशत क्षमता अगले दो साल में हासिल हो जाएगी। यह सब स्मार्टफोन, लैपटॉप, और एआई क्षेत्र में स्वदेशी को बढ़ावा देगा। माना जा रहा है कि 2030 तक सेमीकंडक्टर का बाजार 100 से 110 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। सेमीकॉन इंडिया 2026 में इन बदलावों की झलक तो दिख ही रही है, साथ ही नए बदलावों की आहट भी सुनी जा रही है। सेमीकंडक्टर उद्योग ने पहला रोबोट विकसित किया है जो चिप निर्माण के लिए लगे इंजीनियरों का काम खासा आसान और तत्परता से बिना किसी गलती के करता है। जापानी कंपनी सेमीकंडक्टर उद्योग ने लोगों के लिए विशेष सुरक्षा वस्त्र तैयार किए गए हैं। इसमें क्लीनरूम सूट खास है जो वहां काम करने वालों को खतरनाक रसायनों के संपर्क में आने से बचाता है साथ ही माइक्रोचिप्स को किसी व्यक्ति से निकलने वाले सूक्ष्म कणों से सुरक्षा देता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 18, 2026, 01:34 IST
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