Himachal News : हिमाचल में पुरस्कार विजेता शिक्षकों को अब सेवा विस्तार नहीं, मिलेगा दो लाख तक नकद सम्मान

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित करने की नीति में बड़ा बदलाव किया है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब पुरस्कार विजेता शिक्षकों को सेवा विस्तार देने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर उन्हें एकमुश्त नकद पुरस्कार दिया जाएगा। नई अधिसूचना के तहत राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को दो लाख रुपये तथा राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को एक लाख रुपये का एकमुश्त नकद सम्मान दिया जाएगा। यह राशि पुरस्कार मिलने के बाद एक बार प्रदान की जाएगी। शिक्षा सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि 6 फरवरी 2025 को जारी अधिसूचना में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को दो वर्ष तथा राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को एक वर्ष का सेवा विस्तार देने का प्रावधान किया गया था। अब इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। हालांकि जिन शिक्षकों को पहले ही पुरानी अधिसूचना के तहत सेवा विस्तार स्वीकृत हो चुका है, वे स्वीकृत अवधि तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्ष 2025 तक राष्ट्रीय या राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षकों पर सेवा विस्तार संबंधी पुरानी अधिसूचना लागू रहेगी। लेकिन यदि ऐसे शिक्षक सेवा विस्तार का लाभ नहीं लेते हैं तो वे संशोधित नकद पुरस्कार के पात्र होंगे। शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले के बाद लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि नकद प्रोत्साहन से उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान भी होगा और नई पीढ़ी के शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा भी मिलेगी। सरकारी स्कूलों में अब सप्ताह में दो दिन मिलेंगे अंडे या फल हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ सप्ताह में दो बार उबला अंडा या फल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने 20 जुलाई 2024 की पूर्व अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों अथवा उनके अभिभावकों की पसंद के अनुसार उबला अंडा या फल (केला अथवा सेब) पूरक पोषण आहार (टॉप-अप) के रूप में दिया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन, प्राथमिकता के आधार पर बुधवार और शुक्रवार, मिड-डे मील के साथ यह अतिरिक्त पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में लागू होगी। सरकार का मानना है कि बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, स्वास्थ्य सुधार और विद्यालयों में नामांकन तथा उपस्थिति बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के तहत पहले से संचालित व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई 2024 को जारी अधिसूचना और उससे संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया में केवल इसी सीमा तक संशोधन किया गया है। योजना की अन्य सभी शर्तें और प्रावधान पहले की तरह प्रभावी रहेंगे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 30, 2026, 12:28 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Himachal News : हिमाचल में पुरस्कार विजेता शिक्षकों को अब सेवा विस्तार नहीं, मिलेगा दो लाख तक नकद सम्मान #CityStates #Shimla #HimachalPradesh #HimachalEducationNews #TeacherAward #NationalTeacherAward #StateTeacherAward #CashReward #HimachalGovernment #EducationDepartment #RakeshKanwar #MidDayMeal #EggScheme #SubahSamachar