AI Mental Health: एआई का ज्यादा इस्तेमाल कहीं आपको न बना दे डिप्रेशन का मरीज? विशेषज्ञों ने किया सावधान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक ने हमारे जीवन को काफी आसान बना दिया है। ये स्मार्ट तरीके काम करने, चीजों कोसीखने और रोजमर्रा की जिंदगी के कई कार्यों में मदद कर रहे हैं। बैंकिंग से लेकर शॉपिंग, ऑफिस के काम काज सेलेकर पढ़ाई तक, सब बस एक क्लिक या वॉइस कमांड पर हो रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई की मदद से भविष्य में मेडिकल सुविधाओं में काफी मदद मिलने की उम्मीद है, कई गंभीर रोगों के इलाज में भी एआई का अहम योगदान हो सकता है। 10 जनवरी को अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से डायबिटीज और पेट केकैंसर का पता लगाने में एआई की मदद ली जा रही है। इसने बीमारियों के निदान को काफी आसान बना दिया है। इसी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन लोगों के लिए भी नई उम्मीद ला रहा है जो कई स्वास्थ्य समस्याओं से लंबे समय से परेशान रहे हैं। एआई को भविष्य के लिए बड़ी आशा के तौर पर देखा जा रहा है, पर इसका स्याह पक्ष भी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एआई चैटबॉट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल लोगों की मेंटल हेल्थ के लिए ठीक नहीं है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 29, 2026, 11:42 IST
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