अध्ययन: चौड़े चेहरे वाले नेता आक्रामक, पहले वर्ष में ही युद्ध छेड़ने से नहीं हिचकिचाते

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में अक्सर यह सवाल गूंजता रहता है कि आखिर कुछ नेता बात-बात पर युद्ध का रास्ता क्यों चुनते हैं, जबकि अन्य संकटकाल में भी कूटनीति को तरजीह देते हैं। अब, एक नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में दावा किया गया है कि यह संबंधित नेता के चेहरे की बनावट से तय होता है। अध्ययन के मुताबिक, जिन नेताओं के चेहरे चौड़े होते हैं, उनमें आक्रामकता का स्तर काफी ज्यादा होता है। पतले चेहरे वाले नेताओं की तुलना में उनके सत्ता में आने के पहले वर्ष में युद्ध छेड़ने की संभावना तीन गुना ज्यादा होती है। पॉलिटिक्स एंड द लाइफ साइंसेज में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, चौड़े चेहरे वाले नेता अपने कार्यकाल के शुरुआती वर्षों में अंतरराष्ट्रीय युद्ध भड़काने के प्रति अधिक प्रवृत्त होते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, जब कोई नया नेता सत्ता में आता है, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत छवि बनाने और विरोधियों को अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए आक्रामक रुख अपनाता है। नेब्रास्का-लिंकन यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रॉस मिलर ने शोध में वर्ष 1947 से 2010 के बीच 174 देशों के 1,761 वैश्विक नेताओं के चेहरों का विश्लेषण किया गया। शोध में नेताओं के फेशियल विड्थ-टू-हाइट रेशियो यानी लंबाई की तुलना में चौड़ाई को आधार बनाया गया। यह माप चेहरे के एक गाल से दूसरे गाल की हड्डी की चौड़ाई और ऊपरी होंठ से भौहों के बीच लंबाई के अनुपात से निकाली जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि किशोरावस्था के दौरान शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का उच्च स्तर चेहरे को अधिक चौड़ा और मजबूत बनाता है। अधिक चौड़े और भारी चेहरे वाले जोखिम लेने के आदी जिस नेता का चेहरा तुलनात्मक रूप से अधिक चौड़ा और भारी दिखता है, वह शुरुआती कार्यकाल में अधिक जोखिम लेने, कड़े फैसले करने और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को भड़काने वाला हो सकता है। ऐसे नेता पहले वर्ष में सबसे ज्यादा आक्रामक रुख अपनाते हैं। अध्ययन में 1,761 नेताओं के डाटा का विश्लेषण करके पाया गया कि जिन नए नेताओं के चेहरे की चौड़ाई अधिक थी, उन्होंने सत्ता में आते ही विरोधियों को अपनी ताकत दिखाने के लिए सीमा विवाद या सैन्य धमकियां देने जैसे कदम उठाए। लिंकन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश की तुलना से समझें अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर पहले के एक अध्ययन में पाया गया कि चौड़े चेहरे वाले राष्ट्रपतियों जैसे जॉर्ज डब्ल्यू बुश या एंड्रयू जैक्सन ने अपने कार्यकाल के दौरान विदेशों में सैन्य अभियानों और बल प्रयोग का अधिक सहारा लिया, जबकि अब्राहम लिंकन जैसे पतले चेहरे वाले राष्ट्रपतियों का रुख तुलनात्मक रूप से कम आक्रामक रहा। विंस्टन चर्चिल और जोसेफ स्टालिन जैसे नेताओं के मजबूत और चौड़े जबड़ों का भी अक्सर जिक्र किया जाता है, जिन्हें अत्यधिक जिद्दी, हावी होने वाले और दबाव में पीछे न हटने वाले व्यक्तियों के रूप में देखा गया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 19, 2026, 05:02 IST
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