एक्सप्लेनर: एक महीने से सुलग रहा फ्रांस, पानी-एसी और चूहे के नाम पर शुरू हुए आंदोलन में अब तक क्या-क्या हुआ?
फ्रांस की सड़कों पर जनता का गुस्सा दिखाई दे रहा है। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। एक महीने से ज्यादा समय से जारी इस विरोध ने फ्रांस की सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। आखिर फ्रांस में विरोध की शुरुआत कैसे और क्यों हुई और अब तक क्या-क्या हुआ आइए जानते हैं। क्यों और कब शुरू हुआ प्रदर्शन फ्रांस में आंदोलन की शुरुआत 21 सितंबर को पेरिस के पास क्रेतेय स्थित सेंट-एक्सुपेरी हाईस्कूल से हुई। यहां शिक्षकों के कई पद खाली थे। छात्रों ने बेहतर पढ़ाई और स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। धीरे-धीरे दूसरे स्कूलों के विद्यार्थी भी इसमें शामिल होने लगे। ले मोंद अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों की नाराजगी केवल शिक्षकों की कमी तक सीमित नहीं थी। स्कूलों की जर्जर इमारतें, पानी की कमी चूहों और गर्मी में एसी की समस्या, भीड़भाड़ वाली कक्षाएं, पढ़ाई का दबाव और विश्वविद्यालयों में दाखिले की व्यवस्था भी उनकी चिंताओं में शामिल थी। छात्र संगठनों ने देशभर के हाईस्कूलों में विरोध और नाकेबंदी की अपील की। सितंबर के आखिरी हफ्ते तक आंदोलन पेरिस क्षेत्र से निकलकर दूसरे इलाकों में भी पहुंचने लगा। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, 28 सितंबर तक करीब 180 स्कूल प्रदर्शन से प्रभावित हो चुके थे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 24, 2026, 19:22 IST
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