Delhi: केजरीवाल-सिसोदिया आरोपमुक्त, क्या ट्रायल कोर्ट के फैसले का असर ED के मनी लॉन्ड्रिंग केस पर भी पड़ेगा
दिल्ली के ट्रायल कोर्ट के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 21 अन्य को कथित शराब नीति घोटाले के सीबीआई के मामले में आरोपमुक्त करने का असर इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर भी होगा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार, अनुसूचित अपराध से आरोपी के आरोपमुक्त या बरी हो जाने पर, मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध स्वतः समाप्त हो जाता है। हालांकि ईडी का तर्क है कि सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी की जांच किए जा रहे मूल या प्राथमिक मामले के परिणामों की परवाह किए बिना, मनी लॉन्ड्रिंग को एक अलग अपराध के रूप में माना जाना चाहिए। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून (पीएमएलए), 2002 के तहत ईडी मामले को अकसर एकल अपराध और विधेय अपराध से जुड़ा हुआ कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि ईडी किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध की कमाई के कथित तौर पर इस्तेमाल या उत्पन्न करने के लिए जांच शुरू कर सकता है, भले ही उसे उस अपराध (अंतर्निहित, मुख्य अपराध जिससे गैर-कानूनी कमाई होती है) में दोषी न ठहराया गया हो। कथित आबकारी नीति घोटाले में, ईडी ने केजरीवाल को समन भेजा था, जबकि सीबीआई मामले में उनका नाम आरोपी के तौर पर भी नहीं था और कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग एक अलग मामला है। हालांकि, ईडी के अपराध असल में पहले से तय अपराध से जुड़े होते हैं। इसका मतलब है कि ईडी मामला पहले से तय अपराध से ही शुरू होना चाहिए। ऐसे में जब कोर्ट आरोपी को आरोपमुक्त या बरी कर देता है, तो ईडी का मामला नहीं चल सकता। अब आगे क्या सीबीआई ने कहा था कि वह ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ तुरंत हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेगी। जब तक आरोपी को आरोपमुक्त करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लग जाती, ईडी का मामला जारी नहीं रह सकता। सुप्रीम कोर्ट ने विजय मदनलाल चौधरी के फैसले को लागू करते हुए कहा था कि एक बार जब किसी आरोपी को संबंधित अपराध में आरोपमुक्त कर दिया जाता है, तो मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं चल सकता। केजरीवाल आरोपमुक्त हुए पर केस खत्म नहीं दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़े कथित घोटाले में भले ही राउज एवेन्यू कोर्ट से पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बड़ी राहत मिल गई हो, लेकिन मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह के फैसले के कुछ ही घंटों बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने साफ कर दिया कि वह इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देगी। सीबीआई का दावा है कि जांच से जुड़े कई अहम तथ्यों और साक्ष्यों पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया, इसी वजह से वह फैसले के खिलाफ तत्काल अपील दाखिल करने की तैयारी में है। ऐसे में राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली राहत के बावजूद एक्साइज पॉलिसी केस की कानूनी जंग अब हाईकोर्ट में नई दिशा लेती दिख रही है। कानून विशेषज्ञों का भी कहना है कि कई हजार पन्नों के पांच आरोप पत्रों पर उच्च अदालत दोबारा विचार करेगी, जिसमें लंबा वक्त लगेगा। इसके चलते यह मामला लंबे समय तक कानूनी दांव पेंच में उलझा रहने के आसार हैं। ईडी का मामला खत्म होगा या नहीं इस आवश्यक सवाल का जवाब 2022 के विजय मदनलाल चौधरी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में आए ऐतिहासिक फैसले में है। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून को सही ठहराया और मनी लॉन्ड्रिंग पर कानून बनाया। फैसले के अनुसार, ईडी किसी भी व्यक्ति पर काल्पनिक आधार पर या यह मानकर मुकदमा नहीं चला सकता कि कोई अनुसूचित अपराध किया गया है, जब तक कि यह अधिकार क्षेत्र वाली पुलिस के पास पंजीकृत न हो और/या सक्षम फोरम के समक्ष आपराधिक शिकायत सहित जांच/मुकदमा लंबित न हो। इसका मतलब है कि ईडी मामले को जरूरी तौर पर एक विधेय अपराध मामले का पालन करना होगा। इसलिए, एक बार अपराध समाप्त हो जाने के बाद, ईडी का मामला भी खत्म हो जाना चाहिए। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर उस व्यक्ति को तय अपराध से आरोपमुक्त कर दिया जाता है या उसके खिलाफ आपराधिक मामला कोर्ट से रद्द कर दिया जाता है तो उसके या ऐसी प्रॉपर्टी पर दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग का कोई अपराध नहीं हो सकता, जो उसके जरिये बताए गए तय अपराध से जुड़ी प्रॉपर्टी है। जंतर-मंतर पर सभा की अनुमति रद्द आप का भाजपा और पुलिस पर हमला जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सभा की अनुमति नहीं मिलने पर आम आदमी पार्टी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। आप नेताओं ने इसके लिए भाजपा सरकार पर पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने नियमों का हवाला दिया है। संजय सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन के लिए निर्धारित स्थान है और वहां अनुमति देना दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की घबराहट के कारण अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को सभा की इजाजत नहीं दी गई। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सभा के लिए पहले से लिखित सूचना दी गई थी और तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। उन्होंने भाजपा और पुलिस पर तीखा हमला बोलते हुए फैसले को अलोकतांत्रिक बताया। देर शाम सौरभ भारद्वाज ने एक एक्स पोस्ट में कहा कि कल सभा हो रही है, पुलिस से बात हो गई है। सुबह 11 बजे आम आदमी पार्टी के संयोजक जंतर मंतर पर सभा करेंगे। कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन नहीं किया : पुलिस नई दिल्ली के डीसीपी देवेश कुमार महला ने कहा है कि अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया, इसलिए परमिशन नहीं दी गई। मामले ने राजनीतिक तकरार को और तेज कर दिया है। घोटाले करने वाले ईमानदार नहीं हो सकते : रेखा गुप्ता दक्षिणी दिल्ली के प्रवास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि मुफ्त शराब बांटने और घोटाले करने वाली सरकार खुद को ईमानदार नहीं कह सकती। छठे दिन प्रवास कार्यक्रम में दक्षिणी दिल्ली पहुंचीं रेखा गुप्ता ने जनसभा में कहा कि दिल्ली की जनता ने चुनाव में साफ संदेश दिया था, अब उनको टकराव वाली नहीं, पारदर्शिता और जवाबदेही वाली सरकार चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने विकास के बजाय दिल्ली के एलजी और केंद्र सरकार से टकराव और झूठे प्रचार की राजनीति की।सीएम ने कहा कि एक के साथ एक मुफ्त शराब की बोतल देने वाली सरकार क्या ईमानदार हो सकती है। बच्चों के स्कूलों में घोटाले करने वाले क्या खुद को कट्टर ईमानदार कह सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार काम के दम पर राजनीति कर रही है और परिणाम जनता के सामने है। रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली में प्रचार नहीं, परिणाम की राजनीति होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार के कामों को घर-घर तक पहुंचाएं और जनता के साथ सीधा संवाद बनाए रखें। ब्यूरो मामला हाईकोर्ट में, खुद को बेगुनाह न बताएं केजरीवाल : कपिल मिश्रा कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शराब नीति मामले में अभी कानूनी प्रक्रिया जारी है और केजरीवाल को खुद को बेगुनाह बताने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। दिल्ली सचिवालय में शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल का मामला अभी हाईकोर्ट में गया है, वे अभी छूटे नहीं हैं। शराब नीति को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों की गंभीर टिप्पणियां सामने आ चुकी हैं। रोने-धोने से काम नहीं चलेगा, राहुल की तरह लड़ें केजरीवाल : खरगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के भावुक होने पर कड़ा प्रहार किया है। पंजाब के बरनाला में किसान महाचौपाल को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि अन्याय के खिलाफ रोने-धोने से काम नहीं चलता। उन्होंने केजरीवाल को राहुल गांधी की तरह लड़ने की सलाह दी। खरगे ने केजरीवाल और प्रधानमंत्री मोदी दोनों को पाखंडी बताया और कहा कि वे एक जैसी भाषा बोलते हैं। खरगे ने पंजाब की आप सरकार को भाजपा की बी-टीम करार दिया। उन्होंने राज्य में बढ़ती अपराध दर, हत्याओं और महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर चुप्पी को लेकर सरकार को घेरा। इसके अलावा, उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें सरेंडर मोदी कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिकी दबाव में झुककर देश के किसानों और संसाधनों का सौदा कर रही है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 01, 2026, 02:51 IST
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