मैदान बदले, मंजिल नहीं...: अनाहत-मनिका से श्वेता-सिमरन तक, बेटियों ने खेलों में गढ़ी नई पहचान और बनीं प्रेरणा

राजधानी की बेटियां अब खेल के मैदान में सिर्फ पदकों के पीछे नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और जज्बे से नई पहचान गढ़ रही हैं। 2025-26 का खेल सत्र ऐसी खिलाड़ियों की कहानियों से भरा है, जिन्होंने स्क्वैश, टेबल टेनिस, क्रिकेट और रग्बी में दिल्ली का नाम रोशन किया। इन खिलाड़ियों ने विपरीत परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। किसी ने घंटों अभ्यास कर तकनीक को निखारा तो किसी ने चोट और चुनौतियों के बावजूद मैदान पर वापसी की। इनकी उपलब्धियां केवल पदकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर की दूसरी बेटियों के लिए प्रेरणा भी बन रही हैं। परिवार और कोच के सहयोग के साथ इन खिलाड़ियों ने अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत को अपनी सफलता का मंत्र बनाया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में महिला खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिलने से आने वाले वर्षों में ऐसी प्रतिभाओं की संख्या और बढ़ेगी। ये बेटियां साबित कर रही हैं कि अवसर मिले तो वे हर मैदान में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। देश को पहला विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनाया अनाहत सिंह दिल्ली की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी ने जुलाई 2026 में इतिहास रचते हुए भारत को पहला विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनाया। कनाडा में हुए फाइनल में उन्होंने मिस्र की रुकय्या सलेम को हराकर खिताब अपने नाम किया। जूनियर विश्व चैंपियनशिप पर लंबे समय से मिस्र के खिलाड़ियों का दबदबा था। अनाहत अब जूनियर स्तर से आगे बढ़कर सीनियर सर्किट और 2028 ओलंपिक की तैयारियों पर ध्यान दे रही हैं। फिलहाल वे अपने आने वाले टूर्नामेंट के लिए लगातार मेहनत कर रहीं हैं। टेबल टेनिस में खुद को किया साबित मनिका बत्रा ने टेबल टेनिस में दिल्ली की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है। मार्च में आईटीटीएफ विश्व कप में उन्होंने अमेरिका की लिली झांग को हराया। भारतीय टीम में एशियन गेम्स के लिए जगह नहीं मिलने के बावजूद मनिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धा जारी रखी और युवा खिलाड़ियों के बीच खुद को लगातार साबित करने की चुनौती स्वीकार की। घरेलू क्रिकेट से आगे बढ़कर अंडर-19 टीम में पहुंचीं क्रिकेट में श्वेता सहरावत दिल्ली की नई पीढ़ी की प्रमुख प्रतिभाओं में हैं। दिल्ली की घरेलू क्रिकेट से आगे बढ़कर उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम में अपनी पहचान बनाई और अब सीनियर स्तर पर भी आगे बढ़ रही हैं। उनके साथ सिमरन बहादुर भी दिल्ली की सक्रिय क्रिकेट प्रतिभाओं में शामिल हैं। दिल्ली से घरेलू क्रिकेट खेलने वाली सिमरन इंडिया-ए महिला टीम के लिए खेलीं। रग्बी में भारतीय टीम का किया प्रतिनिधित्व रग्बी जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में प्रिया बंसल दिल्ली की बेटियों के लिए अलग मिसाल हैं। दिल्ली की इस खिलाड़ी ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है और राष्ट्रीय स्तर पर रग्बी में अपनी पहचान बनाई। खिलाड़ी के साथ मैच अधिकारी के रूप में भी सक्रिय रहकर उन्होंने महिला खिलाड़ियों के लिए नए रास्ते खोले हैं

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 30, 2026, 04:15 IST
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