देहरादून रेलवे स्टेशन: ट्रेनों में तकनीकी ने लिया विस्तार, यात्री सुरक्षा के साथ स्टेशन की क्षमता भी बढ़ी

उत्तराखंड में जिस तरह से अमर उजाला ने खुद को हर रोज और मजबूत कर अपने 29 वर्ष पूरे किए, वैसे ही वह देहरादून रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के सतत विकास का साक्षी भी बना है। दून से चलने वाली ट्रेनें में तकनीकी ने तो विस्तार लिया ही है, साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम और स्टेशन की क्षमता में खासी बढ़ोतरी हुई है। ब्रिटिश काल में बने दून रेलवे स्टेशन को अब नई तकनीकी से लैस किया जा रहा है। जहां पहले दून से चलने वाली 100 प्रतिशत ट्रेनें डीजल से चलती थीं, वहीं अब सभी ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन के साथ संचालित हो रहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक इससे हर महीने करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व की बचत हो रही है। वर्तमान में सभी 18 ट्रेनें लिंक हाफमैन बुश कोच (एलएचबी) के साथ संचालित हो रही हैं। ये वो इलेक्ट्रिक इंजन हैं जो इंजन से ही सभी कोचों को बिजली सप्लाई करते हैं। ट्रेनों के लंबे समय तक खड़े रहने के बाद एसी चलता रहता है। वहीं, डीजल इंजन वाली ट्रेनों के कोच में लगे पंखे व एसी व्हील के घूमने पर ही चलते थे। इसके अलावा दून रेलवे स्टेशन की कोच क्षमता को 12 से बढ़ाकर 18 किया गया है। इतना ही नहीं वर्ष 2017 में प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर चार से पांच की गई है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 26, 2026, 12:17 IST
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