Ambala News: दीपक हत्याकांड के दोषी को उम्रकैद, चारी बरी
अंबाला सिटी। थाना पंजोखरा के अंतर्गत आने वाले गांव खानपुर ब्राह्मणा में करीब छह साल पहले हुए सनसनीखेज दीपक हत्याकांड में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने शुक्रवार को अपना मुख्य फैसला सुना दिया। अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मुख्य आरोपी हरनीप उर्फ नीपू को हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 30 हजार रुपये का कुल जुर्माना भी लगाया गया है।अदालत ने मामले में नामजद अन्य चार आरोपियों विकास, कृष्ण, अतुल कुमार और टिंकू को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी अमित कुमार की पहले ही मौत हो चुकी है, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी गई थी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि दोषी ने एक निर्दोष युवक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या की है। हालांकि यह मामला दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए फांसी की जगह उम्रकैद की सजा न्यायसंगत है।बॉक्सचारा लेकर लौट रहे दीपक को सरेराह मार दी थी गोलीयह वारदात 19 जुलाई 2020 की सुबह करीब 10:45 बजे हुई थी। गांव खानपुर ब्राह्मणा का रहने वाला दीपक अपने खेत से चारा लेकर घर लौट रहा था। जब वह गांव के ही इकबाल के मकान के पास पहुंचा, तभी काले कपड़ों में आए एक युवक ने उस पर देसी कट्टे से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली दीपक के सीने के दाहिनी तरफ लगी और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक के चचेरे भाई रमेश कुमार की शिकायत पर पंजोखरा पुलिस ने हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।बॉक्सआपसी रंजिश के चलते रची गई थी हत्या की साजिशपुलिस तफ्तीश में सामने आया था कि दीपक और आरोपी हरनीप के बीच फरवरी 2020 से ही रंजिश चल रही थी। दीपक ने हरनीप के घर घुसकर उसकी पिटाई कर दी थी, जिसका बदला लेने के लिए हरनीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर दीपक को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। आरोपियों ने उत्तर प्रदेश से 315 बोर का एक देसी कट्टा खरीदा और वारदात वाले दिन मौका पाकर हरनीप ने दीपक के सीने में गोली उतार दी।बॉक्सफोरेंसिक जांच ने खोल दी दोषी की पोलसुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता ने मौके पर किसी को देखा नहीं था और यह एक ब्लाइंड मर्डर था। लेकिन सरकारी वकील और शिकायतकर्ता के वकील ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा। पुलिस ने आरोपी हरनीप की निशानदेही पर होली गांव के पास एक खाली गोदाम से वारदात में इस्तेमाल कट्टा और खोखा बरामद किया था। मधुबन एफएसएल की बैलिस्टिक रिपोर्ट में यह पूरी तरह साबित हो गया कि दीपक के शव से जो गोली बरामद हुई थी, वह उसी कट्टे से चली थी जो हरनीप से बरामद हुआ था। इस अचूक वैज्ञानिक कड़ी को अदालत ने मुख्य आधार माना।बॉक्सयहां समझिए मामले में बाकी आरोपी कैसे हुए बरी - पुलिस ने कोर्ट में कहा कि इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल किया था और दीपक को मारने की साजिश रची थी। अदालत ने साफ कहा कि कानूनन पुलिस कस्टडी में दिया गया ऐसा बयान तब तक सबूत नहीं माना जा सकता, जब तक कि उस बयान के आधार पर कोई नई बरामदगी न हुई हो। बाकी आरोपियों के बयान पर पुलिस एक भी सबूत या वस्तु बरामद नहीं कर सकी।- अभियोजन पक्ष का दावा था कि विकास और कृष्ण ने दीपक की लोकेशन हरनीप को दी थी, अतुल बाइक चला रहा था और टिंकू ने हथियार का इंतजाम किया था। लेकिन पुलिस कोर्ट में यह साबित ही नहीं कर पाई कि इनके बीच कोई बातचीत हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के फोन की कोई कॉल डिटेल रिकॉर्ड कोर्ट में पेश नहीं की। उनके बीच किसी भी तरह के मौखिक या इलेक्ट्रॉनिक संपर्क का कोई वैज्ञानिक सबूत रिकॉर्ड पर नहीं लाया जा सका।- वारदात के इकलौते कथित चश्मदीद गवाह रमेश कुमार (मृतक के चचेरे भाई) ने कोर्ट में सिर्फ हरनीप से मिलती-जुलती कद-काठी के लड़के को देखने की बात कही। बाकी के आरोपियों को वारदात की जगह के आस-पास या गांव में उस वक्त देखने वाला कोई गवाह नहीं था।- आरोपी टिंकू पर आरोप था कि उसने उत्तर प्रदेश से अवैध देसी कट्टा लाकर अमित (जिसकी मौत हो चुकी है) के जरिए हरनीप तक पहुंचाया था। लेकिन पुलिस इस लेन-देन या टिंकू की हथियार तस्करी में संलिप्तता का कोई भी स्वतंत्र गवाह या पुख्ता सबूत कोर्ट के सामने नहीं रख पाई। इन्हीं कारणों के चलते कोर्ट ने कहा कि अन्य आरोपियों की मामले में संलिप्तता सिर्फ बयानों पर टिकी हुई थी। इसी कारण उन्हें संदेह का लाभ दिया गया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 30, 2026, 02:43 IST
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