Yogi VS Akhilesh: अखिलेश के बयान पर योगी का पलटवार, बोले- रामलला का दर्शन करें शायद सद्बुद्धि आ जाए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई और कांवड़ यात्रा तक प्रतिबंधित कर दी, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है। मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि यूपी में सपा की सरकार आने पर अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को हाथरस में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का बयान पढ़कर आश्चर्य हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे। पहले अपना इतिहास देखिए। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिखाई दे रही है। रामभक्तों के परिश्रम और पुरुषार्थ से अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। ऐसे में अब समाजवादी पार्टी को भी अयोध्या की याद आने लगी है। ये भी पढ़ें - राम मंदिर चढ़ावा चोरी: टिन्नू के खुलासे के बाद भी दो बड़े नाम कार्रवाई से बाहर, खामोशी पर उठ रहे बड़े सवाल ये भी पढ़ें - राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बिना सत्यापन रखे गए थे कर्मचारी, कंट्रोल रूम प्रभारी और सुरक्षाकर्मी भी जांच में दोषी अखिलेश यादव ने ये दिया था बयान सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि हम सत्यनिष्ठा के साथ यह संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर अयोध्या को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्वभर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रभु के आशीर्वाद के साथ हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के सियाराम-धाम के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे। इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुनः स्थापित करेंगे। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने थानों और जेलों में होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम तक बंद करा दिए थे। कांवड़ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है, लेकिन यह कार्य समाजवादी सरकार में कभी संभव नहीं था। तब यही पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च होता था। हमने वही पैसा मंदिरों की ओर डायवर्ट किया है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है क्योंकि मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं। रामलला के दर्शन कर लो, शायद सद्बुद्धि आ जाए मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे अयोध्या की चिंता छोड़ दें क्योंकि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है। अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने सजाया और संवारा है। आप उसकी चिंता मत करिए। पश्चाताप कर एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, शायद सद्बुद्धि आ जाए। सपा वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहती है तो उसे खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाने की बात समाजवादी पार्टी को खुलकर करनी चाहिए।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 28, 2026, 16:14 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Yogi VS Akhilesh: अखिलेश के बयान पर योगी का पलटवार, बोले- रामलला का दर्शन करें शायद सद्बुद्धि आ जाए #CityStates #Lucknow #UttarPradesh #LucknowNews #UpNews #UttarPradeshNews #AkhileshYadav #YogiAdityanath #SubahSamachar