Climate: चार दशक में चार गुना क्षेत्रों तक बढ़ा उमस भरी गर्मी का दायरा, अध्ययन में बड़ा दावा

भारत में गर्मी के मौसम (मार्च-जून) के दौरान कई बार असहनीय चिपचिपाहट से लोगों का परेशान हो जाना आम बात रही है। लेकिन अब मानसून के मौसम (जुलाई-अक्तूबर) में भी ऐसी ही बेहाल कर देने वाली गर्मी की अवधि बढ़ती जा रही है। एक ताजा अध्ययन के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण सिर्फ इस असहनीय ऊष्मा तनाव (यूएचएस) वाले दिनों की संख्या ही नहीं बढ़ रही, बल्कि इससे प्रभावित होने वाले क्षेत्र का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। स्टडी में क्या बताया गया है अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (एजीयू) एडवांसेज पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन 1980 से 2020 के बीच आए बदलावों के बारे में बताता है। इसके मुताबिक, 1980 के दशक में भारत में करीब 10,000 वर्ग किलोमीटर (तकरीबन त्रिपुरा के बराबर क्षेत्रफल) असहनीय ऊष्मा तनाव से प्रभावित था लेकिन चार दशकों में यह दायरा बढ़कर 40,000 किलोमीटर हो गया है। भारत में और बिगड़ेंगे हालात मानसून के मौसम में केवल एक प्रतिशत क्षेत्र ही प्रभावित पाया गया। अध्ययन में यह आगाह भी किया गया है कि वैश्विक तापमान 2 डिग्री के करीब पहुंचने के साथ भारत में मानसून के दौरान गर्म और उमस भरी परिस्थितियां असहनीय गर्मी की स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर बनाती जाएंगी। जलवायु परिवर्तन तेजी से बढ़ने और औद्योगिक क्रांति से पहले की तुलना में तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि होने पर भारत में असहनीय ऊष्मा तनाव लगभग उतने ही क्षेत्रफल को प्रभावित करेगा जितना कि गर्मी के मौसम में करेगा। गर्मी के चलते उत्पादकता घटने का भी खतरा अध्ययन में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर और अमेरिका के स्टैनफोर्ड और पर्ड्यू विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्मी और मानसून दोनों मौसमों में लंबे समय तक असहनीय गर्मी घनी आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य और जलवायु लचीलेपन के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती है। यही नहीं, गर्मी के कारण श्रम साध्य क्षेत्रों में उत्पादकता घटने का भी खतरा है।जानलेवा साबित हो सकती है गर्मी से जुड़ी बीमारियां अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर से काफी पसीना निकलता है । यह पसीना जब सूखता है, तो शरीर ठंडा हो जाता है, लेकिन जब उमस की वजह से पसीना सूख नहीं पाता तो यही असहनीय ऊष्मा तनाव का कारण बन जाता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 09, 2026, 03:14 IST
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