बठिंडा में उग्र हुए किसान: पुलिस के साथ टकराव, पत्थरबाजी के बाद छोड़े आंसू गैस के गोले, माहौल तनावपूर्ण
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की तरफ से इरादा-ए-कत्ल के मामले में जेल में बंद दो किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को बठिंडा डीसी कार्यालय का घेराव करने की कोशिश को पुलिस सख्ती से नाकाम कर दिया। इस मौके पर पूरे जिले में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर जगह-जगह नाकाबंदी की गई और कई स्थानों पर किसानों को रोककर वापस भेज दिया गया। किसानों ने इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शुक्रवार शाम को बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर रामपुरा के पास धरना दे रहे किसान उग्र हो गए। किसानों का पुलिस के साथ टकराव हो गया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ दिए। वहीं गुस्साए किसानों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस द्वारा संभावित धरने और घेराव को देखते हुए जिले के मुख्य मार्गों, शहर के प्रवेश द्वारों और डीसी कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसानों को एकत्र होने से रोकने के लिए पुलिस ने कई गांवों और कस्बों में पहले से ही बैरिकेड्स लगाकर नाके लगाए थे। जिला प्रशासनिक परिसर के गेट पर पुलिस ने ताला लगा दिया। दूसरी ओर किसानों ने बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर गांव कराड़वाला के पास धरना लगा दिया और इस दौरान डीएसपी और नायब तहसीलदार का घेराव किया, हालांकि डेढ़ घंटे बाद दोनों का घेराव समाप्त कर दिया गया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके और जिला प्रधान शिंगारा सिंह मान ने कहा कि उनके दो साथी किसान नेता एक झूठे हत्या प्रयास के मामले में जेल में बंद हैं। उनकी तुरंत रिहाई की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन किसानों की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने से भी रोक रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार बिना अनुमति के घेराव या धरने की इजाजत नहीं दी जा सकती और किसी भी तरह से शांति व्यवस्था में बाधा डालने वाली गतिविधियों को रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके ने जिला प्रशासन पर वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा पहले उन्हें गांव भुच्चो खुर्द में किसानों की सभा करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में अचानक अपना फैसला बदलते हुए कहा गया कि गांव स्तर की बजाय जिला स्तर की सभा की जाए। किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जेल में बंद किसान नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। किसानों का कहना है कि वे अपने साथियों की रिहाई और न्याय के लिए पीछे नहीं हटेंगे। #WATCH | Bathinda, Punjab | Security intensified in Bathinda as the Bharatiya Kisan Union group has called for a protest.Bathinda SSP Jyoti Yadav Bains says, quot;Today, the Bharatiya Kisan Union group has called for a protest. To prevent this, police have been deployed in Bathinda… pic.twitter.com/2qp3qcGCYBmdash; ANI (@ANI) February 6, 2026
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 06, 2026, 15:07 IST
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