Car: चीन में अब कारों के अंदर टचस्क्रीन नहीं, फिजिकल बटन होंगे अनिवार्य, टेस्ला और बीवाईडी को लग सकता है झटका

आजकल नई कारों में बड़े-बड़े टचस्क्रीन और डिजिटल डिस्प्ले देना एक ट्रेंड बन चुका है। कंपनियों ने ये प्रथा बना ली है कि बड़े टचस्क्रीन और डैशबोर्ड पर कम बटन सौंदर्य का प्रतीक हैं। कई कंपनियां तो इंडिकेटर, गियर और एसी जैसे जरूरी कंट्रोल भी टचस्क्रीन में ही दे रही हैं। लेकिन अब चीन इस ट्रेंड को बदलने की तैयारी कर रहा है। चीन ने नए नियमों का प्रस्ताव रखा है जिसके तहत कारों में जरूरी फंक्शन के लिए फिजिकल बटन देना अनिवार्य किया जा सकता है। सुरक्षा के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है। टचस्क्रीन का दौर खत्म अब होगी फिजिकल बटन की वापसी चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MIIT) ने प्रस्तावित नियमों में कहा है कि कार के कुछ जरूरी सुरक्षा फीचर्स केवल टचस्क्रीन पर निर्भर नहीं होने चाहिए। उनका मानना है कि गाड़ी चलाते समय टचस्क्रीन इस्तेमाल करना ध्यान भटका सकता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकता है। यह कदम टेस्ला, शाओमी और बीवाईडी जैसी कंपनियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है जो मिनिमलिस्ट डिजाइन के तहत ज्यादा से ज्यादा कंट्रोल टचस्क्रीन में दे रही हैं। चीन ने हाल ही में सुरक्षा कारणों से इलेक्ट्रिक कारों में छिपे हुए डोर हैंडल (कनसील्ड डोर हैंडल) पर भी प्रतिबंध लगाया था। अब ये नया प्रस्ताव कार के इंटीरियर डिजाइन पर भी असर डाल सकता है। किन फंक्शन के लिए बटन होंगे जरूरी नए प्रस्ताव के मुताबिक कार में कुछ महत्वपूर्ण कंट्रोल के लिए फिक्स्ड और फिजिकल बटन होना जरूरी होगा। इनमें शामिल हैं: टर्न इंडिकेटर हजार्ड लाइट गियर सेलेक्शन इमरजेंसी कॉल सरकार ने बटन के डिजाइन के लिए भी स्पष्ट नियम तय किए हैं। हर बटन का न्यूनतम आकार 10mm x 10mm होना चाहिए ताकि ड्राइवर उसे आसानी से पहचान और इस्तेमाल कर सके। इसका मतलब है कि कार कंपनियों को अपने डैशबोर्ड और इंटीरियर डिजाइन को फिर से बदलना पड़ सकता है सेल्फ-ड्राइविंग कारों के लिए भी कड़े नियम चीन ने सिर्फ बटन ही नहीं बल्कि एडवांस सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम के लिए भी सख्त सुरक्षा मानक प्रस्तावित किए हैं। नए नियमों के अनुसार, लेवल 3 और लेवल 4 ऑटोमेटेड सिस्टम को एक सतर्क और सक्षम इंसान ड्राइवर जितना सुरक्षित साबित करना होगा। कंपनियों को 'सेफ्टी केस' देना होगा जिसमें दिखाना होगा कि सिस्टम जोखिम भरी परिस्थितियों को संभाल सकता है। अगर सिस्टम फेल हो जाए या ड्राइवर कंट्रोल वापस न ले तो कार खुद सुरक्षित तरीके से रुक सके। पूरी तरह ऑटोमेटेड कारों में जरूरत पड़ने पर रिमोट असिस्टेंस की सुविधा भी होनी चाहिए ताकि इंसान ऑपरेटर दूर से मदद कर सके। निर्माताओं की बढ़ेगी लागत अब तक कई कंपनियां लागत बचाने और मॉडर्न लुक देने के लिए फिजिकल बटन हटाकर सब कुछ सॉफ्टवेयर में दे रही थीं। लेकिन नए नियम लागू होने पर कंपनियों को फिर से हार्डवेयर बटन जोड़ने होंगे जिससे डिजाइन और लागत दोनों पर असर पड़ेगा। अभी सुझाव के लिए खुले हैं नियम चीन सरकार ने इन प्रस्तावित नियमों को फिलहाल सार्वजनिक सुझाव (पब्लिक कमेंट) के लिए जारी किया है। लोग और कंपनियां 13 अप्रैल तक अपनी राय दे सकती हैं। इसके बाद अंतिम नियम तय किए जाएंगे। सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में बड़ा कदम यह प्रस्ताव दिखाता है कि चीन अब कारों में सिर्फ मॉडर्न डिजाइन नहीं बल्कि सुरक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रहा है। अगर ये नियम लागू होते हैं तो भविष्य की कारों में टचस्क्रीन के साथ-साथ जरूरी फंक्शन के लिए फिजिकल बटन भी वापस देखने को मिल सकते हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 14, 2026, 07:48 IST
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