ड्रैगन की दादागिरी: चीन में तिब्बती धार्मिक उत्सव पर प्रतिबंध, नव वर्ष लोसर के उपलक्ष्य में कई तरह की पाबंदियां थोपी गईं

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चीन ने तिब्बत की राजधानी ल्हासा और उसके आसपास तिब्बती नव वर्ष लोसर के उपलक्ष्य में सभी प्रमुख धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस कारण तिब्बती नए वर्ष पर अल्पसंख्यक समुदाय को कई तरह की रुकावटों और हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा। पिछले माह ल्हासा के जातीय व धार्मिक मामलों के ब्यूरो ने कोविड-19 का हवाला देकर इस पर पाबंदी लगा दी। हांगकांग पोस्ट के अनुसार, इस तरह की धमकियां और उत्सवों पर पाबंदी तिब्बती पहचान को कमजोर करने के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अखबार ने तिब्बती सूत्रों के हवाले से बताया कि तिब्बत क्षेत्र में चीनी अफसरों ने यात्रा करने और समारोह आयोजित करने पर रोक लगा दी है और प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों को दंडित करने की चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी नौकरियों में काम करने वाले तिब्बतियों को नए साल पर काम के लिए ड्यूटी पर हाजिरी देना अनिवार्य कर दिया गया। ऐसा इसलिए ताकि वे जश्न मनाने अपने गृहनगर न जा सकें। उइगर विद्वान को 10 साल की जेल चीन के शिनजियांग प्रांत में एक उइगर प्रोफेसर और अनुवादक नूरमेमेट ओमर उचकुन को अलगाववाद तथा पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप में 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। रेडियो फ्री एशिया ने गांव के एक अफसर और उचकुन के नॉर्वे में रह रहे पूर्व सहपाठी हुसेनजन के हवाले से बताया कि उनका मित्र साहित्य, अनुवाद और कंप्यूटर विज्ञान में अपने उत्कृष्ट कामों के लिए जाना जाता था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 10, 2022, 22:48 IST
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