Una News: जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए भाजपा लगाएगी छक्का
ऊना। सात बार की गठित जिला परिषद में अब आठवीं बार भाजपा जिला परिषद के अध्यक्ष पद के लिए छक्का लगाएगी। अब की बार आए चुनावी परिणाम के बाद भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद दबदबा बरकरार रहा है। अब भाजपा की पसंद का ही जिला परिषद का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनेगा। खास बात इस बार यह भी रहेगी कि जिला परिषद का अध्यक्ष पद ओपन है। सात बार की जिला परिषद में पांच बार भाजपा समर्थित जिला परिषद का अध्यक्ष बना है और दो बार ही कांग्रेस का जिला परिषद का अध्यक्ष बना है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्तासीन होने के बावजूद उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिला में न तो सरकार की 58 साल की सरकारी नौकरी और गारंटियों से लेकर ओपीएस का जादू दिखा है और न ही विधायकों से लेकर विभिन्न निगम और बोर्ड के अध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्षों का कोई जलवा नजर आया है। इसके चलते कांग्रेस की जीत मात्र जिला परिषद के 17 वार्डों में से पांच पर ही सिमट कर रह गई है। जिला में कांग्रेस संगठन का भी बिखराब इन चुनावों में सरेआम देखने को मिला है। चाहे पार्टी से खिलाफत करके कई उम्मीदवार अधिकतर वार्डों में ऐसे उतार दिए हैं। जिनका खामियाजा सीधे तौर पर जिला परिषद के चुनाव में कांग्रेस को मुंह की हार से झुकता करना पड़ा है। जिला कांग्रेस कमेटी के बाद भले ही विभिन्न विधानसभा क्षेत्र में ब्लॉक अध्यक्ष की भी ताजपोशी शीर्ष नेतृत्व की ओर से कर दी गई लेकिन ब्लॉक अध्यक्ष भी कोई खास करिश्मा अपनी नियुक्ति के बाद कांग्रेस पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों को जिताने में नहीं दिखा पाए हैं। जिला में कांग्रेस का बिखराब कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र से लेकर ऊना सहित गगरेट और चिंतपूर्णी में किसी से छुपाए नहीं छिपा है। भले ही कुछ विधायकों ने पार्टी के समर्थित उम्मीदवार जिला परिषद में उतारे थे लेकिन पार्टी के भीतर ही ऐसी काली भेड़ें भी थीं। जिसके चलते इसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को चुकता करना पड़ा है और मात्र पांच समर्थित कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार ही जीतकर आए हैं। जिनमें से तीन एक ही विधानसभा क्षेत्र हरोली से जीते हैं। वहीं दूसरी ओर गगरेट में भी भाजपा की एकजुटता के भी सुखद परिणाम सामने आए हैं। जहां पर कांग्रेस का एक भी प्रत्याशी नहीं जीता है। कांग्रेस को सदर विधानसभा क्षेत्र से लेकर कुटलैहड़, गगरेट और चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले हैं। चुनावी परिणामों को मद्देनजर आगामी विषय में राजनीतिक दृष्टि से सोच के साथ जोश में भी बदलाव लाना होगा, तभी 2027 के चुनाव में जिला ऊना में कांग्रेस की नईया पार लग सकती है। अन्यथा वर्तमान के राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए कांग्रेस की स्थिति जिला ऊना में असहज सी नजर आ रही है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 02, 2026, 23:54 IST
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