Air Pollution: प्रदूषित हवा से पुरुष शुक्राणुओं के DNA में बदलाव, ओजोन-नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का सबसे अधिक असर
वायु प्रदूषण का खतरा अब केवल फेफड़ों और हृदय तक सीमित नहीं रहा है। एक नए अध्ययन में प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने वाले पुरुषों के शुक्राणुओं के डीएनए में एपिजेनेटिक बदलाव के संकेत मिले हैं। यदि भविष्य के अध्ययनों में इन निष्कर्षों की पुष्टि होती है, तो इसका असर केवल पुरुषों की प्रजनन क्षमता तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को समझने में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अध्ययन यूरोपियन सोसाइटी ऑफ ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रियोलॉजी (ईएसएचआरई) की 42वीं वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया। इसके निष्कर्ष वैज्ञानिक जर्नल ह्यूमन रिप्रोडक्शन में भी प्रकाशित किए गए हैं। अध्ययन अमेरिका के साल्ट लेक सिटी में 2013 से 2017 के बीच किया गया। इसमें 2,000 से अधिक पुरुषों को शामिल किया गया, जिनसे अलग-अलग समय पर शुक्राणुओं के नमूने लिए गए। इनमें से 1,220 पुरुषों के नमूनों का लगभग छह महीने बाद विश्लेषण किया गया। डीएनए में बदलाव का क्या असर शोधकर्ताओं ने शुक्राणुओं में डीएनए मिथाइलेशन नामक प्रक्रिया का अध्ययन किया। यह एक एपिजेनेटिक प्रक्रिया है, जिसमें डीएनए का मूल अनुक्रम बदले बिना जीन की सक्रियता को नियंत्रित किया जाता है। अध्ययन में ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और पीएम2.5 जैसे प्रमुख वायु प्रदूषकों का विश्लेषण किया गया। परिणामों में पाया गया कि इन प्रदूषकों के संपर्क का संबंध शुक्राणुओं के डीएनए में 39 अलग-अलग स्थानों पर मिथाइलेशन में बदलाव से था। इनमें सबसे अधिक प्रभाव ओजोन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का पाया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि पिता के शुक्राणुओं में इस प्रकार के एपिजेनेटिक बदलाव होते हैं, तो यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि उनका प्रभाव केवल गर्भधारण तक सीमित रहता है या आगे चलकर बच्चे के स्वास्थ्य और विकास पर भी पड़ता है। शुक्राणु विकास से जुड़े जीन मिले प्रभावित शोधकर्ताओं के अनुसार जिन जीनों में बदलाव के संकेत मिले, उनका संबंध शुक्राणुओं के निर्माण, गुणसूत्रों की व्यवस्था और कोशिकाओं की सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं से है। इनमें जीएनएएस जीन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। यह जीन भ्रूण के शुरुआती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पहले के अध्ययनों में भी इसे शुक्राणुओं की गुणवत्ता और भ्रूण के सामान्य विकास से जोड़ा गया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 08, 2026, 03:24 IST
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