AI SCAM: चैटजीपीटी-जेमिनी के नाम पर चल रहा बड़ा फ्रॉड , ऐसे करें खुद का बचाव!
साइबर अपराधी अब ChatGPT, Gemini और Claude जैसे लोकप्रिय AI ब्रांड के नाम का फायदा उठाकर फर्जी ऐप, वेबसाइट और इंस्टॉलर तैयार कर रहे हैं। हाल के महीनों में सुरक्षा शोधकर्ताओं ने ऐसे हजारों मामलों का पता लगाया है। Kaspersky के अनुसार, जनवरी से मई 2026 की शुरुआत तक AI सेवाओं के नाम पर 92,000 से ज्यादा मैलवेयर/अनचाहे सॉफ्टवेयर हमले पाए गए, जिनमें नकली ChatGPT ऐप सबसे बड़ा हिस्सा थे। आमतौर पर पहला कदम भरोसा पैदा करना होता है। अपराधी असली AI सेवा जैसा लोगो, नाम, रंग और इंटरफेस इस्तेमाल करते हैं। कई बार वे Google Search, सोशल मीडिया विज्ञापन या नकली डाउनलोड पेज के जरिए यूजर को आकर्षित करते हैं। Microsoft ने 2026 में ऐसे अभियानों की पहचान की है जिनमें ChatGPT, Claude और दूसरे AI ब्रांडों की नकल करके लोगों को phishing पेज या malware तक पहुंचाया गया। इसके बाद यूजर को “Download”, “Install”, “Update” या “AI Pro” जैसे विकल्प दिखाए जाते हैं। जैसे ही वह फाइल डाउनलोड करके इंस्टॉल करता है, असली AI ऐप की जगह उसके सिस्टम में दुर्भावनापूर्ण प्रोग्राम सक्रिय हो सकता है। कुछ मामलों में यह पासवर्ड, browser cookies, saved credentials और दूसरे संवेदनशील डेटा को चुराने की कोशिश करता है। मई 2026 में सामने आए एक नकली ChatGPT डाउनलोड अभियान में Windows और macOS दोनों यूजर्स को अलग-अलग information-stealing malware से निशाना बनाया गया था। एक और तरीका फर्जी वेबसाइट या phishing login page है। वेबसाइट बिल्कुल असली AI सेवा जैसी दिखाई देती है और यूजर से ईमेल, पासवर्ड या भुगतान संबंधी जानकारी मांगी जा सकती है। Microsoft ने Claude के नाम से चलाए गए ऐसे phishing अभियान की पहचान की थी जिसमें credentials और access tokens हासिल करने की कोशिश की गई। कुछ हमलों में AI ऐप के नाम का इस्तेमाल केवल malware के लिए बहाना होता है। यानी यूजर को लगता है कि वह नया AI टूल इंस्टॉल कर रहा है, लेकिन पीछे से spyware, credential stealer या remote-access malware इंस्टॉल हो सकता है। भारत में भी साइबर अपराधियों द्वारा नकली ऐप के जरिए malware फैलाकर संवेदनशील वित्तीय जानकारी हासिल करने के मामले सामने आए हैं। इसलिए किसी भी AI ऐप को डाउनलोड करने से पहले डेवलपर का नाम, आधिकारिक वेबसाइट और ऐप स्टोर की जानकारी जरूर जांचें। अनजान वेबसाइट, sponsored search result, Telegram/WhatsApp लिंक या किसी व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK/installer फाइल से AI ऐप इंस्टॉल करने से बचना बेहतर है। Google भी अज्ञात स्रोतों से मिले लिंक और संदिग्ध shared content से सावधान रहने की सलाह देता है। सबसे जरूरी बात यह है कि ChatGPT, Gemini या Claude का नाम देखकर किसी ऐप को असली न मानें। लोगो और डिजाइन की नकल करना आसान है; असली पहचान हमेशा आधिकारिक स्रोत और verified developer से करें।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 26, 2026, 02:58 IST
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