Adani: हिंडनबर्ग प्रकरण के दौरान क्या गड़बड़ हुई, देश के लिए फॉर्मूला वन क्यों जरूरी? जानिए करण अदाणी का जवाब

अदाणी पोर्ट्स व स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटैड (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने एक बार फिर हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बारे में बात की है। करण अदाणी ने कहा है कि जब हिंडनबर्ग प्रकरण सामने आया, उस समय हमारी कमजोरी पारिवारिक और समूह स्तर पर हमारी वित्तीय संरचना थी। करण अदाणी ने कहा, "उस अनुभव से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। हमने महसूस किया कि यह एक बड़ा खतरा था जिसे हम अपने साथ लेकर चल रहे थे। हमने तुरंत अपनी गलती सुधार ली। दूसरा खतरा जो हम देखते हैं वह यह है कि हम अक्सर अपनी कहानी नहीं सुनाते। हम अपना दृष्टिकोण दुनिया के सामने नहीं रखतेभारत की स्थिति को देखते हुए, हमें अपना दृष्टिकोण दुनिया को बताना होगा, अपना संदर्भ दुनिया को देना होगा और एक देश के रूप में हममें इसकी कमी है। सकारात्मक बात यह है कि हमारे व्यवसाय मजबूत बुनियादी ढांचे पर आधारित हैं।" करण अदाणी ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ये बातें कही। आयोजन के दौरान करण अदानी ने कहा कि बुनियादी ढांचे, आतिथ्य और संस्कृति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत के पास वैश्विक मंच पर प्रदर्शन करने की बहुत क्षमता है। उन्होंने कि हम फॉर्मूला वन को भारत में वापस लाएंगे। करण अदाणी ने भारत में वैश्विक आयोजनों और खेलों के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान, उन्होंने कहा कि अब तक ऐसे आयोजनों का लाभ बहुत कम लोगों को मिला है। उन्होंने कहा, "वैश्विक आयोजनों और वैश्विक खेलों को भारत में लाना, उन्हें भारत से परिचित कराना और साथ ही हमारे लोगों को भी इन खेलों से अवगत करानाक्योंकि दुर्भाग्य से, अभी इन खेलों से परिचित होने का अवसर बहुत कम लोगों को ही मिल पाता है। अधिकतर लोग किसी खेल का अनुभव करने के लिए अबू धाबी, सिंगापुर या दोहा जाते हैं।" उन्होंने आगे कहा, “हमारे देश में न केवल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में, बल्कि आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में भी अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने की अपार संभावनाएं हैं। हम अपनी संस्कृति को वैश्विक मंच पर कैसे प्रस्तुत कर सकते हैं, यह भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मेरा यही दृष्टिकोण है कि जब हम भारत में फॉर्मूला वन लाते हैं, तो यह केवल एक रेस आयोजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मूल रूप से भारत की विरासत को प्रदर्शित करने का एक तरीका है ।” वह भारत में वैश्विक खेलों और वैश्विक मीडिया को लाने के संभावित सकारात्मक प्रभाव के बारे में एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे । सरकार बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में आखिरी रेस आयोजित होने के लगभग तेरह साल बाद। फॉर्मूला 1 को वापस लाने पर विचार कर रही है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 21, 2026, 19:23 IST
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