Rohtak News: मां ने बेटी की खुशी की खातिर बेच दिए सपने
करिश्मा रंगा रोहतक। मां का प्यार सिर्फ ममता तक सीमित नहीं होता बल्कि वह अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए हर मुश्किल से लड़ने की ताकत भी देता है। शहर की उत्तर विहार कॉलोनी में रहने वाली सुमन अत्री की कहानी प्रेरणादायक है। उन्होंने कम उम्र में शादी, आर्थिक तंगी और लोगों के तानों के बावजूद हार नहीं मानी। डॉक्टर बनने का सपना बीच में ही छोड़कर बेटी आरजू को डॉक्टर बनाया। अब वह फिलीपींस में रहकर आगे की पढ़ाई कर रही हैं। जींद के जुलाना की बेटी सुमन अत्री की शादी 1998 में कलानौर के सांगाहेड़ा में हुई थी। उस समय वह महज 16 साल की थी। कक्षा 10वीं की इस छात्रा की शादी के बाद पढ़ाई छूट गई। शादी के एक साल बाद बेटा व दो साल बाद बेटी का जन्म हुआ। पढ़ाई का सपना दिल में था। उन्होंने शादी में मिले 7-8 हजार रुपये ससुराल वालों को देकर पढ़ने की अनुमति मांगी लेकिन उनका दाखिला तक नहीं कराया गया।हालात से हार मानने के बजाय सुमन ने खुद ही रास्ता बनाया। बेटे को स्कूल छोड़ने जाते समय उन्होंने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की। एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगीं और वहीं से अपनी शिक्षा आगे बढ़ाई। हरियाणा ओपन बोर्ड से 12वीं पास करने के लिए दो दिन खाना तक नहीं खाया। इसके बाद आवेदन का मौका मिला। संवादपति की मौत और जिम्मेदारियों का बोझ2008-09 में उनके जीवन में सबसे बड़ा संकट आया। उनके पति मुकेश हरियाणा रोडवेज में परिचालक थे। उनको किडनी फेल होने से चल बसे। वह अपने पीछे तीन लाख रुपये का कर्ज और दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी छोड़ गए। ससुराल से सहयोग मिलना तो दूर ताने और सुनने पड़े। सुमन ने हार नहीं मानी और पति की मौत के तीन माह बाद ही जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) कोर्स में प्रवेश लिया। 6500 रुपये की पेंशन में घर चलाना मुश्किल था इसलिए उन्होंने कपड़ों की सिलाई कर बेटी के सपनों को पूरा किया। निजी अस्पतालों में रात की ड्यूटी भी की। रोज रोहतक से भिवानी ट्रेन से आवागमन करती। दिन में पढ़ाई और रात में सिलाई उनकी दिनचर्या बन गई।मेहनत रंग लाई2014 में बनी नर्ससाल 2014 में सुमन अत्री की मेहनत सफल हुई। नर्सिंग कोर्स के बाद उन्हें पीजीआईएमएस में नर्स की नौकरी मिली। इसके बाद तीन लाख रुपये का कर्ज चुकाया। बच्चों को पढ़ाया। सुमन का सपना था कि बेटी डॉक्टर बने। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटी आरजू को फिलीपींस भेजकर एमबीबीएस की पढ़ाई कराई। आज उनकी बेटी एमडी की तैयारी कर रही हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 10, 2026, 02:43 IST
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