Kotdwar News: उत्तरकाशी में शिव भक्ति का संगम, निकली भव्य शिव बारात

वरुणावत पर्वत पर ग्रामीणों ने निकाली शिव बरात, शिवालयों में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़उत्तरकाशी/पुरोला। वरुणावत पर्वत पर स्थित विमलेश्वर महादेव मंदिर में भव्य शिव बरात निकाली गई। वहीं, पुरोला के रामा व कमल सिरांई स्थित पौराणिक कमलेश्वर महादेव मंदिर, नागराज मंदिर और पुरोला गांव के राधा कृष्ण मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धाुलओं की भीड़ उमड़ पड़ी।रविवार को बड़ी संख्या में पाटा, बग्यालगांव, संग्राली के ग्रामीण कंडार देवता मंदिर परिसर में पहुंचे। वहा से उन्होंने शिव बरात निकाली, जो संग्राली गांव से होते हुए विमेलश्वर महादेव मंदिर पहुंची। वहां शिव पर्वती की विशेष पूजा अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली के लिए मन्नते मांगी। वहीं, पुरोला, मोरी, नौगांव, बड़कोट, ठकराल, बनाल, जौनपुर तथा सर बडियाड़ क्षेत्र के दूरदराज गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कमलेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किय। इसके साथ ही नगर पालिका क्षेत्र के तहत कुमुदेश्वर नागराज मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर पुरोला, शिरगुल महाराज मंदिर तथा मोरी क्षेत्र के कोट गांव, देवरा और जखोल स्थित सोमेश्वर महादेव व कर्ण महाराज मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष बृजमोहन चौहान, लोकेश नौटियाल, मेघनाथ पंवार, राधेश्याम विजल्वाण, राम नौटियाल, नत्थी सिंह रावत, घनश्याम विजल्वाण और रमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।जिला मुख्यालय में निकाली गई भव्य शिव बारातफोटो सहितउत्तरकाशी। महाशिवरात्रि पर्व काशी नगरी भोले की भक्ति में सराबोर रहा। इस दौरान जिला मुख्यालय पर शिव की बरात और काशी विश्वनाथ मंदिर के ध्वज की शोभा यात्रा निकाली गई। इसके साथ ही नगर के मुख्य मार्गों पर संस्कृति एवं शिव के प्रति आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। शिव बरात में हजारों श्रद्धालु उमड़े। इसमें नंदी पर सवार शिव, डोली में विराजमान पार्वती, राधा-कृष्ण, हनुमान और रावण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही।बाबा विश्वनाथ की नगरी में रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शिव पार्वती विवाह की झांकी निकाली गई। गंगा स्नान के बाद बस अड्डा, भटवाड़ी रोड, कलेक्ट्रेट चौक होते हुए विश्वनाथ मंदिर में पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर शिव बरात का भव्य स्वागत किया। इसमें जल कलश, ध्वजा और उसके पीछे साधुओं का दल, पूर्व सैनिक, महिला मंगल दल, जाड़ समुदाय, भोजपुरी दल, नेपाली दल, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि दल, गायत्री परिजन, आदि रहे। इस दौरान शोभा यात्रा में नंदी पर विराजमान शिव, पालकी में बैठी पार्वती आकर्षण का केंद्र रहे। विश्वनाथ मंदिर के मंहत अजय पुरी ने बताया कि रात्री को लोक गायकों की ओर से भक्ति संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही रात्रि दस बजे से प्रात चार बजे तक महाआरती होगी। इसके साथ ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। वहीं, भटवाड़ी में भी शिव झांकी निकाली गई। झांकी भास्कर प्रयाग से होते हुए बाजार में निकाली गई। शिवालयों में जलाभिषेक को लगा रहा तांताउत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के काशी विश्वनाथ मंदिर में रविवार ब्रह्ममुहूर्त से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शहर के गोपेश्वर मंदिर, कालेश्वर, विमलेश्वर महादेव, शिखलेश्वर, ज्ञानेश्वर, रूद्रेश्वर, तामेश्वर के अलावा भटवाड़ी भाष्करेश्वर महादेव, पुरोला के कमलेश्वर महादेव, चिन्यालीसौड़ भडेश्वर महादेव, बड़कोट के चंद्रेश्वर, नागेश्वर महादेव, खरसाली में भूतेश्वर महादेव आदि शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर मनौतियां मांगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 15, 2026, 14:43 IST
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