Hardoi News: कागजों पर साफ हो गए 75 फीसदी नाले- नाली, हकीकत में कूड़े से पटे

हरदोई। मानसून की बरसात में शहरवासियों को जलभराव की समस्या न होने पाए इसके लिए निकाय ने नाले-नालियों की सफाई शुरू कराई। जिम्मेदारों ने 75 प्रतिशत सफाई पूरी होने का दावा किया जबकि नाले-नालियां कूड़ा से पटे हैं। इससे निकाय के दावों पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं और बरसात में पानी निकासी सुचारु न हो पाने पर भी संशय है।शहर में वैसे तो पानी निकासी के लिए 52 नाले-नालियां हैं। इसमें तीन बड़े नालों का कूड़ा, सिल्ट सफाई के लिए ठेका दिया गया है। इस साल नाले-नालियों की सफाई के लिए नगरीय निकाय ने 38.77 लाख रुपये का अनुमानित खर्च तय किया है जबकि पिछले साल सफाई पर 39.00 लाख रुपये खर्च किए गए थे। निकाय ने मानसून की दस्तक से पहले नाले-नालियों की साफ-सफाई शुरू कराई है। तीन बड़े नालों की 75 प्रतिशत सफाई का दावा किया गया है और शहर के तीन बड़े नालों की सफाई का ठेका भी दिया गया है जबकि 49 नाले-नालियों की सफाई विभागीय सफाईकर्मियों से कराई जा रही है। शहर में नाले-नालियों का करीब 53 किलोमीटर लंबाई में जाल फैला है।मानसून के इस बार 21 जून से पहले-पहले आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में निकाय के जिम्मेदारों ने 15 जून तक सभी नाले-नालियों की तली झाड़ सफाई का लक्ष्य तय किया है ताकि बरसात के दौरान जलनिकासी सुचारु रहे और लोगों को जलभराव की समस्या न होने पाए। बड़े नालों के साथ ही मोहल्लों के नाले-नालियों में जमा कूड़ा और सिल्ट सफाई पर सवाल खड़ा कर रही है। मोहल्लों के लोगों का कहना है कि जितनी सफाई होती है उससे अधिक सड़क और गलियों के कूड़े को सफाईकर्मी ही झाड़ू लगाते समय नाला-नालियों में गिरा देते हैं। इससे नाले-नालियां कूड़े से पट जा रही हैं। इससे बरसात के समय जलभराव की समस्या की आशंका बलवती होती जा रही है। ---यह है तीन प्रमुख बड़े नालेसर्कुलर रोड पर धर्मशाला चुंगी से प्रधान डाकघर तालाब तक नाला।पिहानी चुंगी से सीतापुर ओवरब्रिज होते हुए महोलिया शिवपार तक नाला। लखनऊ चुंगी से रेलवेगंज में बाबा का तालाब तक नाला। ---पानी निकासी के बेहतर इंतजाम हों शहर निवासी मनीष ने बताया कि शहर में पानी निकासी के इंतजाम और बेहतर किए जाने की जरूरत है। बरसात में पानी निकासी के सुचारु इंतजाम न होने से मोहल्लों और सड़कों पर जलभराव होता है। इससे लोगों को आवागमन के साथ ही अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तेज बरसात होने पर सड़क और गलियों के साथ ही घरों तक में पानी भर जाता है।---अमित कुमार ने बताया कि शहर की पानी निकासी के लिए तीन ही बड़े नाले हैं। यह नाले अधिक बरसात में ओवरफ्लो होने लगते हैं। इससे कई मोहल्लों के निचले स्थानों पर गली और सड़क तक गंदे नालों का पानी भर जाता है। पानी निकासी के लिए शहर में कार्ययोजना बनाकर काम कराने की आवश्यकता है। तभी लोगों को जलभराव से छुटकारा मिल सकेगा।---शहरवासियों को नियमित और बेहतर साफ-सफाई दिए जाने का प्रयास है। तीन बड़े नालों सहित मोहल्लों के नाले-नालियों की सफाई का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा करा लिया गया है। शहरवासियों से भी सफाई व्यवस्था में सहयोग की अपील की गई है। कहा गया है कि पॉलीथिन और कूड़ा-करकट नाले-नालियों में न फेंकें। बाकी काम भी 15 जून से पहले-पहले करा लिया जाएगा। -सुखसागर मिश्र मधुर, अध्यक्ष, नगर पालिका फोटो-10- मेडिकल कॉलेज के सामने नाली में भरा कूड़ा। संवाद फोटो-10- मेडिकल कॉलेज के सामने नाली में भरा कूड़ा। संवाद फोटो-10- मेडिकल कॉलेज के सामने नाली में भरा कूड़ा। संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 02, 2026, 23:03 IST
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