Ambala News: जननायक एक्सप्रेस से 15 बाल श्रमिक रेस्क्यू

अंबाला। बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान के तहत ट्रेन संख्या 15211 जननायक एक्सप्रेस से 15 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन बच्चों को पंजाब, अंबाला और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बंधुआ मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। मुक्त कराए गए अधिकांश बच्चे बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस के टोल-फ्री नंबर 18001027222 पर मिली एक गुप्त सूचना के बाद जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला के निर्देश पर कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी ने तुरंत बाल कल्याण समिति, जीआरपी, आरपीएफ और मानव तस्करी निरोधक इकाई को अलर्ट किया। ट्रेन के लेट होने के कारण संयुक्त टीम ने रात करीब 11 बजे स्टेशन पर विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बच्चों को मुक्त कराया। पूछताछ में सामने आया कि बच्चों से सुबह 8 से रात 8 बजे तक 12 घंटे श्रम कराया जाना था। इनमें से 4 बच्चों को अंबाला की एक फाइबर फैक्ट्री में धागा बनाने के काम के लिए 5000 रुपये एडवांस और 10,000 रुपये मासिक वेतन का लालच दिया गया था। वहीं, कुछ बच्चों को जालंधर की जीरा फैक्ट्री में 2000 रुपये एडवांस और 12,000 रुपये के वेतन पर भेजा जा रहा था।ओपन शेल्टर होम भेजे गए बच्चेमेडिकल और डीडीआर की प्रक्रिया के बाद बच्चों को सीडब्ल्यूसी अंबाला की चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के समक्ष पेश किया गया। उनके आदेश पर उन्हें अंबाला कैंट के ओपन शेल्टर होम भेज दिया गया है। संगठन के प्रधान बड़ोला ने कहा कि बच्चों के परिजनों की तलाश की जा रही है और बाल तस्करी को रोकना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस कार्रवाई में आरपीएफ से एसआई कविता, एएसआई संजीव कुमार, मानव तस्करी निरोधक इकाई के एचसी जसविंदर सिंह और डॉ. अमित सहित जिला युवा विकास संगठन की टीम शामिल रही। संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 29, 2026, 03:13 IST
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