UP: शिक्षार्थी के साथ विद्यार्थी भी बनें युवा...ऋतेश्वर महाराज ने जानें ये क्यों कहा

विराट हिंदू सम्मेलन में शामिल होने जा रहे ऋतेश्वर महाराज ने कमला नगर में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा युवा शिक्षा के साथ विद्या भी लें। उसे शिक्षार्थी के साथ विद्यार्थी बनने की जरूरत है, क्योंकि शिक्षा से किसी विशेष विषय वस्तु के बारे में जान सकते हैं, लेकिन सनातन संस्कृति को बचाए रखने और जीवन पद्धति को उच्च बनाने के लिए विद्या की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में साधु, संत और ऋषियों का रक्त है। वह राष्ट्र को प्रथम मानकर कार्य करते हैं। उनकी सोच निर्माण करने वाली है। उनकी जीवन पद्धति में सनातन है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक की शताब्दी वर्ष में जगह-जगह विराट हिंदू सम्मेलनों के आयोजन किया जा रहे हैं। उनमें हिंदुओं को जाति, भाषा और प्रांतीय भेदभाव को खत्म कर संगठित होने के लिए जागृत किया जा रहा है। यवाओं को इतिहास से सीखने की जरुरत है, जिसने नहीं सीखा वह समाज खंडित हुए है। राष्ट्र कथा का आयोजन भी युवाओं में राष्ट्र और सनातन के सर्वोपरि मानकर कार्य करने के लिए किया गया था। भविष्य में एसी कथाएं और की जाएंगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 18, 2026, 13:37 IST
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