Greenland Row: क्या ग्रीनलैंड विवाद के बीच बढ़ेगा यूरोप-US टकराव? ट्रंप के टैरिफ से निपटने की कवायद कर रहा EU

यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रविवार को इस बात पर व्यापक सहमति जताई कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ लगाने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जाएं। साथ ही अगर शुल्क लागू होते हैं तो ठोस जवाबी कदम भी तैयार रखे जाएं। यह जानकारी ईयू के राजनयिक सूत्रों ने दी। ये भी पढ़ें:Greenland:क्या ग्रीनलैंड विवाद के बीच ट्रंप की टैरिफ नीति से यूरोप-अमेरिका टकराव और गहराएगा जानें पूरा मामला ट्रंप ने ईयू देशों को दी क्या चेतावनी ट्रंप ने 17 जनवरी को चेतावनी दी कि 1 फरवरी से डेनमार्क, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स और फिनलैंड सहित ब्रिटेन व नॉर्वे पर बढ़ते टैरिफ लगाए जाएंगे,जब तक कि अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलती। यूरोप के बड़े देशों ने इस कदम को खुला ब्लैकमेल करार दिया है। ब्रसेल्स में आपात शिखर बैठक ईयू के नेता 22 जनवरी को ब्रसेल्स में आपात शिखर बैठक में विकल्पों पर चर्चा करेंगे। प्रस्तावों में एक 93 अरब यूरो (करीब 107.7 अरब डॉलर) के अमेरिकी आयात पर टैरिफ पैकेज है, जो छह महीने के निलंबन के बाद 6 फरवरी से स्वतः लागू हो सकता है। दूसरा विकल्प अब तक कभी इस्तेमाल न किया गया 'दबाव-विरोध उपकरण' (ACI) है, जिसके तहत सार्वजनिक टेंडर, निवेश, बैंकिंग गतिविधियों तक पहुंच सीमित की जा सकती है या सेवाओं के व्यापार खासकर डिजिटल सेवाओं पर रोक लगाई जा सकती है, जहां अमेरिका को EU के साथ अधिशेष है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक शुरुआती प्रतिक्रिया के तौर पर टैरिफ पैकेज को ज्यादा समर्थन मिल रहा है, जबकि एसीआई पर सदस्य देशों के बीच राय बंटी हुई है। डेनमार्क-ग्रीनलैंड को समर्थन यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि सदस्य देशों से बातचीत में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के समर्थन व किसी भी तरह के दबाव का मुकाबला करने की मजबूत प्रतिबद्धता सामने आई है। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कूटनीति पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका केवल राष्ट्रपति तक सीमित नहीं है। वहां संस्थागत नियंत्रण और संतुलन भी हैं। उन्होंने बुधवार को डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच बने वर्किंग ग्रुप का हवाला दिया। दावोस में संवाद की कोशिश EU की संवाद पहल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में अहम मुद्दा रहने की संभावना है, जहां ट्रंप बुधवार को छह साल बाद कीनोट भाषण देंगे। एक EU राजनयिक ने रणनीति का सार बताते हुए कहा, “सभी विकल्प खुले हैं दावोस में अमेरिका से बातचीत और उसके बाद नेताओं की बैठक।” सैन्य मौजूदगी और संयुक्त बयान जिन आठ देशों को निशाना बनाया गया है, वे पहले से 10 से 15% अमेरिकी टैरिफ झेल रहे हैं। ग्रीनलैंड विवाद के बीच इन देशों ने वहां सीमित सैन्य कर्मी भी भेजे हैं। संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि टैरिफ धमकियां ट्रांस-अटलांटिक संबंधों को कमजोर करती हैं और खतरनाक गिरावट का जोखिम बढ़ाती हैं, लेकिन संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों पर आधारित संवाद के लिए वे तैयार हैं। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि यूरोप को ब्लैकमेल नहीं किया जा सकता। बाजारों में हलचल टैरिफ धमकी से वैश्विक बाजारों में बेचैनी दिखी, यूरो और पाउंड डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़े और अस्थिरता लौटने की आशंका बढ़ी। ACI पर मतभेद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी सूत्रों के मुताबिक वे एसीआई लागू करने के पक्ष में हैं। वहीं आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन ने कहा कि जवाबी कार्रवाई पर कोई संदेह नहीं, लेकिन ACI को तुरंत सक्रिय करना थोड़ा जल्दबाजी होगा। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने टैरिफ धमकी को गलती बताया और कहा कि उन्होंने ट्रंप से बात कर अपनी राय रखी है। ब्रिटेन की प्रतिक्रिया पर संस्कृति सचिव लिसा नैंडी ने कहा कि सहयोगियों को अमेरिका के साथ मिलकर विवाद सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड पर हमारा रुख गैर-परक्राम्य है… सामूहिक हित में मिलकर काम करना जरूरी है, न कि शब्दों की जंग। ईयू-अमेरिका व्यापार समझौता फिलहाल निलंबित यूरोपीय संसद द्वारा ईयू-अमेरिका व्यापार समझौते पर काम फिलहाल निलंबित किए जाने के संकेत मिले हैं। संसद को 26-27 जनवरी को कई EU आयात शुल्क हटाने पर मतदान करना था, लेकिन यूरोपीय संसद के सबसे बड़े राजनीतिक समूह यूरोपियन पीपुल्स पार्टी (EPP) के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने शनिवार देर रात कहा कि मौजूदा हालात में इस समझौते को मंजूरी देना संभव नहीं है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 19, 2026, 10:00 IST
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