Explainer: पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया कानून दो साल में ही बदलने की नौबत क्यों आई, नए बिल में क्या नया?
नीट यूजी 2026 के पेपर लीक ने देश की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। छात्रों के विरोध प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग के बीच केंद्र सरकार ने अब कानून को और सख्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में लोकसभा में संशोधन विधेयक पेश किया गया। ऐसे में सवाल है कि आखिर सरकार को सिर्फ दो साल के भीतर उसमें इस कानून में संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी नए संशोधन विधेयक में ऐसा क्या बदलेगा, जो पुराने कानून में नहीं था नए और पुराने विधेयक में क्या अंतर है नया संशोधन विधेयक क्या है केंद्र सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया है। इसका उद्देश्य पेपर लीक, फर्जी परीक्षा, प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन), संगठित नकल और परीक्षा माफिया पर पहले से अधिक सख्त कार्रवाई करना है। साथ ही जांच और ट्रायल की प्रक्रिया को तेज बनाकर दोषियों को जल्द सजा दिलाने का भी प्रावधान किया गया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 28, 2026, 17:29 IST
Explainer: पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया कानून दो साल में ही बदलने की नौबत क्यों आई, नए बिल में क्या नया? #IndiaNews #National #AmarujalaExplainer #Anti-paperLeakLaw #NeetUg2026 #PaperLeak #ExamMalpractice #ExamMafia #OrganisedCheating #Impersonation #SubahSamachar
