एक्सप्लेनर: रक्षाबंधन क्यों मनाते हैं, राखी की परंपरा से जुड़ी क्या कहानियां हैं और इनका मतलब कैसे बदला?

रक्षाबंधन सिर्फ कलाई पर बंधने वाला एक धागा नहीं है। इसके पीछे भाई-बहन के प्रेम और विश्वास से लेकर कई पौराणिक कथाएं, ऐतिहासिक प्रसंग और देश के अलग-अलग हिस्सों की परंपराएं जुड़ी हैं। सावन की पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला यह त्योहार आखिर इतना खास क्यों है और इससे जुड़ी कौन-कौन सी कहानियां हैं आइए जानते हैं रक्षाबंधन क्या है रक्षाबंधन का त्योहार हर साल सावन माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षाबंधन ऐसा त्योहार है, जो भाई-बहन के प्रेम और रिश्ते को सम्मान देता है। रक्षाबंधन को प्यार से राखी भी कहा जाता है। यह एक प्रसिद्ध हिंदू त्योहार है, जो जाति और संप्रदाय की सीमाओं से आगे बढ़कर मनाया जाता है। संस्कृत से लिया गया 'रक्षाबंधन' शब्द 'रक्षा के बंधन' या 'रक्षा की गांठ' के अर्थ में इस्तेमाल होता है। इस त्योहार पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी राखी बांधती हैं। यह उनके प्रेम, प्रार्थना और भाई के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना का प्रतीक है। इसके बदले भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करने का वादा करते हैं। यह परंपरा केवल सगे भाई-बहन तक सीमित नहीं है। दूर के रिश्तेदारों, कजिन और दोस्तों को भी राखी बांधने की परंपरा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 26, 2026, 19:58 IST
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